
केशवरायपाटन शुगर मिल
बूंदी. विधानसभा में शुक्रवार विनियोग विधेयक के तहत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेश के विकास के लिए अनेक घोषणाएं की, जिसमें जिले को भी अनेक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में केशवरायपाटन में शुगर मिल को पीपीपी मोड पर संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की घोषणा की है। केशवरायपाटन में एक दशक ने विभिन्न शुगर मिल को संचालित किए जाने के लिए हर वर्ष धरना प्रदर्शन किए जाते रहे है। वहीं मिल के संचालन से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। पूर्व में दिल्ली से आई टीम ने भी मिल का निरीक्षण कर सकारात्मक रिपोर्ट दी थी।
दो जिलों के किसान जुड़े हुए थे
प्रदेश की एकमात्र शुगर मिल रोजगार का एक हब बना हुआ था। यहां पर मजदूर, किसान, वाहन चालकों की मजदूरी चल निकलती थी। जब मिल में गन्ना पिराई शुरू होती थी तो हर वर्ग को रोजगार मिलता था। मिल से कोटा व बूंदी जिले के सैकड़ों किसान जुड़े हुए थे। किसान गन्ने को नकदी फसल मानते थे और एक बार गन्ना की रोपाई करने के बाद 3 साल तक व किसानों को लाभ देती थी, लेकिन किसानों की ङ्क्षचता को दरकिनार कर राज्य सरकार ने मिल को स्थाई रूप से बंद कर दिया।
यह भी हुई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने गर्मी में लोगों को पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए बूंदी एवं लाखेरी में शहरी जल परियोजना के उन्नयन कार्य के लिए तीन करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की है। इससे दोनों शहरों में पेयजल लाइन को दुरुस्त करने के साथ ही जिन कॉलोनियों में पाइप लाइन नहीं है, वहां पेयजल संकट से निजात दिलाई जाएगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कोटा बूंदी जिले की मिङ्क्षसग ङ्क्षलक सडक़ों के लिए 70 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की है। इससे दोनों जिले में जर्जर ङ्क्षलक सडक़ों की मरम्मत के साथ गांवों को हाइवे व मुख्य सडक़ों से जोडऩे के कार्य किए जा सकेंगे।
कोटा एवं बूंदी जिले में बायीं और दायीं व अन्य नहरों की सफाई एवं ड्रेनेज संबंधी कार्य के लिए 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे बार- बार नहरों के क्षतिग्रस्त होने एवं खेतों में पानी भरने की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा नैनवां उपखण्ड में दुगारी बांध के जीर्णो ंद्वार कार्य के लिए दस करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कापरेन में खेलकूछ की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दो करोड़ की लागत से स्टेडियम का निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बूंदी जिले में तीन नए उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाएंगे, साथ ही तीन उपस्वास्थ्य केन्द्रों को आयुष्मान आरोग्य केन्द्र में एवं तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्न्त किया जाएगा, जिससे गांवों में सुचारू उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
पत्रिका ने चलाया था अभियान
केशवरायपाटन में शुगर मिल संचालन की मांग को लेकर पत्रिका ने अभियान चलाया था, जिस पर क्षेत्र के किसानों, मजदूरों एवं संघर्ष समिति से आवाज बुलन्द कर विधायक, राज्य सरकार एवं लोकसभा अध्यक्ष से भी शुगर मिल संचालन की मांग की थी। अब मुख्यमंत्री द्वारा मिल को पीपीपी मोड पर संचालित किए जाने की घोषणा से लोगों को उम्मीद जगी है।
Updated on:
28 Feb 2026 11:13 am
Published on:
28 Feb 2026 11:07 am
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