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पांचवें दिन भी नहीं मिली सफलता, न दिखाई दी और न ही मिले पगमार्क

पेंच टाइगर रिजर्व में तलाश कर रही टीम को चकमा देकर बाघिन मंगलवार को भी गायब रही। वहीं कोटा से गया दो सदस्यीय दल भी लौट गया।
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बूंदी

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pankaj joshi

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Updated: 3 Dec 2025, 5:09 PM IST

पांचवें दिन भी नहीं मिली सफलता, न दिखाई दी और न ही मिले पगमार्क

बूंदी. बाघिन को पकड़ने के लिए कार्य योजना बनाते हुए।

बूंदी. पेंच टाइगर रिजर्व में तलाश कर रही टीम को चकमा देकर बाघिन मंगलवार को भी गायब रही। वहीं कोटा से गया दो सदस्यीय दल भी लौट गया। सर्चिंग टीम उसे पकड़ना तो दूर एक झलक भी देख नहीं पाई। उसके पगमार्क भी कहीं दिखाई नहीं दिए। ऐसे में संभावना यह भी है कि बाघिन पेंच के जंगल को छोडकऱ कहीं और निकल गई है या फिर वह चकमा देकर किसी सुरक्षित जगह छुप गई है।

बाघिन की तलाश में वन अफसर सहित 50 से ज्यादा लोगों की टीम जुटी हुई थी। बाघिन लगातार अपने आसपास इंसानों को देखकर अपनी जगह बदल रही थी। इसे देखते हुए पेंच प्रबंधन ने पांचवें दिन मंगलवार को अभियान में बदलाव किया। इंसानी दखल कम कर बाघिन को पकडऩे की योजना बनाई गई है। पेंच में सर्चिंग कर रही 60 सदस्यीय टीम में से 25 लोगों को को ही तैनात किया गया है। हाथी और 40 से अधिक ट्रैप कैमरे पर ही पूरा जोर दिया जा रहा है।

28 नवंबर से हो रही तलाश
सिवनी स्थित पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बीच चल रहे अंतररा’यीय बाघ स्थानांतरण अभियान (इंटरस्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन) के तहत 28 नवंबर से टीम बाघिन को पकडऩे के लिए जुटी हुई है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पा रही है।

आखिर यही बाघिन क्यों…
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि हमें ऐसे फिमेल बाघ की तलाश थी जो दो से तीन साल की हो और उसके कोई बच्चे न हों। इसके अलावा उसने कभी किसी पर हमला न किया हो। उसका रिकॉर्ड अच्छा हो। पेंच प्रबंधन के पैरामीटर पर यह खास बाघिन फीट बैठ रही है। ऐसे में इसकी तलाश की जा रही है।

बाद में बुलाएंगे हेलीकाप्टर
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बाघिन के खोज के लिए मंगलवार से नया तरीका अपनाया है। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक दिन में ही सर्चिंग की जा रही है। पेंच टाइगर रिजर्व के 6 हाथी एवं कान्हा टाइगर रिजर्व के दो हाथी सर्चिंग दल में शामिल किए गए हैं। वहीं 25 लोगों की टीम ही जंगल में विचरण कर रही है। प्रबंधन का मानना है कि इससे बाघिन सामान्य स्थिति को महसूस करेगी और खुले में विचरण कर सकेगी। इसी दौरान उसे बेहोश किया जाएगा। पहले 28 नवंबर से दो दिसंबर के बीच हेलीकॉप्टर बुलाने की योजना थी, लेकिन अब योजना में बदलाव किया गया है।

तलाश जारी रहेगी
पेंच टाइगर रिजर्व की टीम बाघिन की तलाश कर रही है। बाघिन की तलाश के लिए कैमरे एवं हाथियों पर ही विशेष फोकस किया जा रहा है। मानव सख्या कम कर दी गई है। मंगलवार को बाघिन का कुछ पता नहीं चला। उसे न देखा गया और न ही पगमार्क मिले हैं। सर्चिंग लगातार की जा रही है।
सुगनाराम, मुख्य वन सरंक्षक वन्यजीव मंडल, कोटा