13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फर्जी दस्तावेजों से वजीफा लिया तो होगी जेल…सरकार ने ये उठाए सख्त कदम

छात्रवृत्ति घोटालों के बाद सरकार ने उठाया सख्त कदम, वजीफे में दी गई जानकारियां फर्जी साबित होने पर होगी जेल...

2 min read
Google source verification
Fake document will cause Prison for Student

बूंदी.

फर्जी दस्तावेजों से वजीफा लेना छात्रों और अभिभावकों को भारी पड़ सकता है। पकड़े जाने पर होने वाली कार्रवाई में जेल तक का प्रावधान बदली व्यवस्था में किया गया है। झूठ पकडऩे के लिए सरकार ने वजीफे का नया प्रारूप जारी किया है। इसमें ४ प्रारूपों में आय, जाति और व्यक्तिगत जानकारियों के साथ ही मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा।

Read More: जुनून की इंतहा, 80 की उम्र में भी नही छूटा खेल का शैाक...बड़े कोच लेते है इनकी सलाह-

यदि अभिभावक की आय 50 हजार से ज्यादा होगी तो उन्हें पेन नंबर भी देना होगा। इन सबके बाद भी छात्र को वजीफे के आवेदन को किसी जिम्मेदार व्यक्ति से प्रमाणित करवाना होगा। फर्जी प्रमाण-पत्रों से स्कॉलरशिप उठाने के मामले सामने आने के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पूरी आवदेन प्रक्रिया ही बदल दी है। किसी भी तरह का वजीफा लेने के लिए अब सिर्फ ऑनलाइन आवेदन ही किया जा सकेगा। आय प्रमाण-पत्र के साथ जानकारियां 'सत्य होने का एक शपथ-पत्र भी देना होगा।


आइपीसी के तहत कार्रवाई


स्कॉलरशिप फॉर्म की जांच के दौरान कोई दस्तावेज फर्जी मिला, तथ्यों में फेरबदल हुआ, उन्हें छिपाया या तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया मिला तो जिम्मेदार छात्र-अभिभावकों पर आईपीसी की धारा 177, 197, १98 , 199, 200 एवं 420 के धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इनमें 7 साल तक की जेल हो सकती है।

अभिभावकों को भी देना होगा घोषणा-पत्र


ऐसे भी मामले सामने आए हैं कि बच्चों ने स्कॉलरशिप रैकेट से मिलकर अपने
अभिभावकों का फर्जी आय प्रणाण-पत्र बनवाकर वजीफा हासिल कर लिया। लिहाजा,
नए प्रारूप में अभिभावकों को घोषणा-पत्र भी भरना होगा कि जानकारी सही है।
घोषणा पत्र के साथ उनका आधार नंबर, भामाशाह नंबर और मोबाइल नंबर भी देना
अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आय प्रमाण-पत्र देने वाले सरकारी सेवा में
हैं तो फॉर्म 16 सब्मिट होगा।

इनसे कराना होगा अग्रेषित


सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक सविता कृष्णैया ने बताया कि चौथे चरण में छात्र को अपना वजीफा आवेदन किसी संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, जिला प्रमुख, नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षद, राजकीय अधिकारी या सरकार कर्मचारी से अग्रेषित भी कराना होगा। इसके बाद ही उसे स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई प्रक्रिया के मुताबिक 31 जनवरी तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।