
नैनवां. दुगारी मार्ग पर शव को सडक़ पर रखकर जाम लगाते हुए।
नैनवां. थाना क्षेत्र के दुगारी गांव में ऑटो की टक्कर से घायल दुगारी निवासी 70 वर्षीय वृद्ध छीतरलाल कीर की उपचार के दौरान कोटा में मौत हो गई। रिपोर्ट देने के बाद भी मामला दर्ज नहीं होने पवर ग्रामीणों ने शव को सोमवार रात को जजावर मोड़ के पास सडक़ पर रखकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि ऑटो की टक्कर से घायल हुए वृद्ध के मामले की 40 दिन पहले ही रिपोर्ट पुलिस को दे दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं की। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की भी मांग की। रात को ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया, उसके बाद ही ग्रामीण माने व शव को वापस गांव लेकर गए।
यह था मामला
दुगारी गांव में दो माह पहले 18 जुलाई को ऑटो की टक्कर लगने से वृद्ध छीतरलाल घायल हो गया था, जिसका तब से ही कोटा के निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान वृद्ध की सोमवार को मृत्यु हो गई। नैनवां थाना पुलिस ने कोटा पहुंचकर शव का एमबीएस चिकित्सालय में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। रात को परिजन शव लेकर दुगारी गांव लेकर आ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मृतक के पुत्र ने 6 अगस्त को ही ऑटो की टक्कर से अपने पिता के घायल होने व कोटा में उपचार चलने की नैनवां थाने में रिपोर्ट दे दी थी। पुलिस ने 40 दिन बाद भी रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज नहीं किया।
पुलिस ने रास्ते में रोका
मुकदमा दर्ज करने व मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीण रात साढ़े दस बजे शव को नैनवां थाने पर लेकर आ रहे थे। पुलिस को मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। थानाधिकारी कमलेश शर्मा व पुलिस उपाधीक्षक राजूलाल मीणा ने पहुंचकर जजावर मोड़ पर शव को लेकर आ रहे ग्रामीणों को रोक दिया तो ग्रामीणों ने शव को सडक़ पर रखकर नैनवां-दुगारी मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीण मामला दर्ज करने व सरकार से मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। एक घण्टे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिए जाने व मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा की कार्रवाई के लिए लिखे जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही ग्रामीण शव को लेकर अपने गांव दुगारी के लिए रवाना हुए।
मामला जांच में
थानाधिकारी कमलेश शर्मा का कहना है कि वृद्ध के ऑटो द्वारा टक्कर मारने की रिपोर्ट मिली थी। ऑटो के नम्बर तलाशने के लिए मामले को जांच में रखा गया था। रात को ही ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर ऑटो को जब्त कर लिया है। पुलिस उपाधीक्षक राजूलाल मीणा ने कहा कि परिजनों ने 6 अगस्त को दी रिपोर्ट पर मामला दर्ज नही होने से लोगों में रोष था। मामला दर्ज कर लिया।
40 दिन मामला दर्ज नहीं गंभीर विषय है। प्राथमिकी क्यों दर्ज हुआ। जबाव लिया जाएगा।
राजेन्द्र गोयल, डीआईजी, कोटा
Updated on:
17 Sept 2025 12:07 pm
Published on:
17 Sept 2025 12:06 pm
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