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खुशखबरी: अब टमाटर की फसल का भी होगा बीमा, 31 तक मौका

जिले के टमाटर उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। अब टमाटर की फसल को भी सरकार ने बीमा के सुरक्षा कवच में शामिल कर लिया हैं। उद्यान विभाग ने खरीफ-2025 सीजन के लिए टमाटर को पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित किया हैं।

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खुशखबरी: अब टमाटर की फसल का भी होगा बीमा, 31 तक मौका

टमाटर

बूंदी. जिले के टमाटर उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। अब टमाटर की फसल को भी सरकार ने बीमा के सुरक्षा कवच में शामिल कर लिया हैं। उद्यान विभाग ने खरीफ-2025 सीजन के लिए टमाटर को पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित किया हैं। इससे किसानों को मौसम की अनिश्चितता जैसे- कम-ज्यादा बारिश, सूखा या तापमान में उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान की भरपाई मिल सकेगी। इच्छुक किसान 31 जुलाई तक अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि यह योजना किसानों को मौसम की मार से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए शुरू की गई है। योजना के तहत टमाटर की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 76,117 रुपए की बीमा राशि तय की गई है। किसानों को इस पर केवल 5त्न प्रीमियम, यानी 3806 रुपए ही जमा करवाने होंगे। शेष प्रीमियम राशि का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा।

बीमा करवाने के लिए यह जानना जरूरी
कृषि अधिकारी सीताराम मीणा ने बताया कि बीमा प्रक्रिया बेहद सरल है और किसान आसानी से इसका लाभ उठा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। जरूरी दस्तावेज में नवीनतम जमाबंदी की फोटोकॉपी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति शामिल हैं। इच्छुक किसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी समिति या ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। किसी भी शंका या क्लेम संबंधी जानकारी के लिए एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि आशिक मोहम्मद से मोबाइल नंबर 9982812952 पर या टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क किया जा सकता है।

इन मौसमी जोखिमों से मिलेगा कवर
यह बीमा योजना अधिसूचित फसल को कम वर्षा, अधिक वर्षा, लगातार सूखे की स्थिति, असामान्य आद्र्रता, बहुत कम या अधिक तापमान, बेमौसम बरसात और तेज गति की हवाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करती हैं। क्लेम का निर्धारण मौसम आधारित होगा। कृषि अधिकारी ने जिले के सभी टमाटर उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपनी फसल का बीमा करवाएं।