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यहां बोरिंग से पानी की जगह निकल रही हवा, जानिए कैसे

विभिन्न गांवों में भू जल स्तर गहराने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें,अस्सी प्रतिशत बोरिंग फेंक रहे हवा, फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही
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बूंदी

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Devendra Singh Devra

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Updated: 8 Jan 2018, 4:08 PM IST

Here the water coming out of boring water know how

Pesticide spraying

बूंदी. हिण्डोली क्षेत्र में सर्दी के मौसम में ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भू जल स्तर गहराने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढऩे लगी है। कई खेतों में खड़ी फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही है।
जानकारी के अनुसार इस बार औसत से कम बारिश होने की वजह से क्षेत्र के जलाशयों में पानी की आवक नहीं हुई, जिसके चलते एक दर्जन तालाब व बांध सूख चुके हैं।

इससे भू जल स्तर भी गहराने लगा है। किसानों ने सितम्बर व अक्टूबर माह में जल स्तर ठीक होने के कारण रबी की बम्पर बुवाई कर दी थी, लेकिन अब जलस्तर गिरने से ट्यूबवैल व कुओं में पानी सूख गया है। ग्राम पंचायत टोकड़ा, रोशंदा, पगारा, हिण्डोली, पेच की बावड़ी, हिण्डोली, थाना, सहसपुरिया, सांवतगढ़, आकोदा, डाबेटा व खेराड़ क्षेत्र के गांवों में खड़ी फसलें सूखने लगी है।

किसानों ने बताया कि पारम्परिक जल स्रोत सूख जाने से वे फसलों में सिंचाई नहीं कर पा रहे है, अभी अस्सी प्रतिशत बोरिंग में पानी नहीं आ रहा। जिससे किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।

गेहूं की फ सल को खरपतवार ने जकड़ा
यहां गेहूं की फ सल को खरपतवार ने जकड़ लिया है। इसके चलते किसान बाजार से महंगे दामों में कीटनाशक दवाइयां खरीदकर गेहूं की फ सल में छिड़काव कर रहे हैं। इसके बावजूद भी फ सल में खरपतवार नष्ट नहीं हो रही है। इससे गेहूं की पैदावार प्रभावित होगी। बड़ानयागांव के किसान तेजमल कुमावत, किशनलाल सेन, चतरगंज के राजमल गुर्जर, मांगलीकला के शंकरलाल सैनी ने बताया कि इस समय गेहूं की फ सल में जलकुई, हिरनखुरी, कृष्णा नील नामक खरपतवार काफ ी मात्रा में हो गई है। जिससे गेहूं की पैदावार कम होगी।

किसान खपतवार को नष्ट करने के लिए कीटनाशक दवाइयों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन दवा भी बेअसर हो रही है। बड़ानयागांव, चतरगंज, मांगलीकला, बोरखेड़ा, टहला, चेंता, सथूर, बड़ोदिया, मांगलीखुर्द, खातीखेड़ा, जड़ का नया गांव, हरिपुरा सहित अन्य गांवों में यह समस्य बनी हुई है। कृषि पर्यवेक्षक रोडूलाल वर्मा ने बताया कि किसान गेहूं की फ सल में सभी तरह की खरपतवार को नष्ट करने के लिए कलोडिना फाप प्रपोजाईल प्लस मेटा सल्फ ास 32 ग्राम प्रति बीघा के हिसाब से गेहूं की फ सल मे छिड़काव करें।