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आखिर कैसे दे पुलिस को अपराध की सूचना, थानों के लैंडलाइन फोन खराब

जिले के पुलिस थानों में लैंडलाइन फोन सेवाओं की बदहाल स्थिति ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। या यूं कहे तो अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस तक सूचना पहुंचानी है तो वो भगवान भरोसे है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Mar 04, 2025

आखिर कैसे दे पुलिस को अपराध की सूचना, थानों के लैंडलाइन फोन खराब

बूंदी के जवाहर नगर में एक दीवार पर लिखे नाम व नम्बर।

बूंदी. जिले के पुलिस थानों में लैंडलाइन फोन सेवाओं की बदहाल स्थिति ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। या यूं कहे तो अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस तक सूचना पहुंचानी है तो वो भगवान भरोसे है। यह इसलिए भी क्योंकि जिले के 19 पुलिस थानों की लैंडलाइन नंबर खराब पडे़ हुए है। राजस्थान पत्रिका ने सोमवार को जिले के 19 पुलिस थानों के बेसिक फोन नंबरों पर पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

ऐसी स्थिति में यह कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस और जनता के बीच संपर्क व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। केवल दो थाने रायथल व देईखेड़ा में फोन सेवा नहीं होना पाया। जबकि शेष बचे सभी थानों के नंबर चालू नहीं मिले। कहीं आउट ऑफ सर्विस बताया तो कहीं थानों के नंबर अमान्य तो एक-दो थानों में नंबर डज नॉट एक्जिट बोला। जिले के थानों के बेसिक फोन नंबर लंबे समय से खराब पड़े हैं। कई थानों के नंबर कट चुके हैं, लेकिन फिर भी ये नंबर थानों की दीवारों और होर्डिंग्स पर सार्वजनिक रूप से अंकित हैं। इस गुमराह करने वाली स्थिति से आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जब इन नंबर की पड़ताल की तो सामने आया कि लंबे समय से कहीं कनेक्शन कटे हुए तो कहीं बिल जमा नहीं होने के कारण यह सेवा बंद है।

तो निराशा हाथ लगती है
देखने में आया है कि कई थानों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर बेसिक फोन नंबर लिखे तो हुए है,लेकिन फोन नहीं लगने की स्थिति में निराशा हाथ लगती है। जनता और पुलिस के बीच सीधा सम्पर्क जरूरी है। यह इसलिए भी इससे अपराधों को रोकने और दोषियों पर लगाम कसने में मदद मिलती है।

यह संदेश देते गए थानों के नंबर
राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने सोमवार को सुबह व दोपहर में जिले के 19 थानों में घंटी घुमाई। इसमें से सिटी कोतवाली व तालेड़ा का लैंडलाइन नंबर आउट ऑफ ऑडर बोला। सदर थाना, नमाना, नैनंवा, हिंडोली, दबलाना, बसोली व केशवरायपाटन थाने के नंबर नोट रिचेबल बताया, लाखेरी, इंद्रगढ़, देई व कापरेन थाना का नंबर अमान्य, वहीं करवर थाना के नम्बर पर बेल ही नहीं गई। महिला थाना का नंबर प्लीज रिजेक्ट डायल, डाबी का टेम्परी आउट ऑफ सर्विस व गेंडोली थाने का नंबर द नंबर डज नॉट एग्जिस्ट, प्लीज चेक द नंबर यू हैव डायल्ड। जबकि रायथल थाने व देईखेड़ा में लैंडलाइन की सुविधा ही नहीं है।

बदले कहीं बीट प्रभारी, नंबर वहीं पुराने
पुलिस प्रशासन के नियमों के अनुसार हर थाना क्षेत्र के बीट प्रभारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक स्थानों पर अंकित होने चाहिए। इससे आमजन सीधे बीट अधिकारियों को सूचना देकर मदद ले सकते हैं, लेकिन जिले के अधिकांश थानों और सार्वजनिक स्थानों पर यह व्यवस्था पूरी तरह से गायब है। कई जगह स्थिति यह है कि थानों के बीट प्रभारी बदले गए, लेकिन गली-मोहल्लों में लगे नोटिस बोर्ड पर बीट प्रभारियों के नंबर पुराने ही अंकित है। इससे मदद मांगने वालों को कहीं बार परेशानी झेलनी पड़ती है ओर अपराधी भाग छूट जाता है।

जल्द व्यवस्था कराएंगे दुरुस्त
जिले के पुलिस थानों के बंद फोन नंबर को जल्द दुुरूस्त कराया जाएगा, रहा नोटिस बोर्ड पर बीट प्रभारियों के फोन नंबर अंकित का मामला तो इसको दिखवाकर जल्द बीट प्रभारियों के नाम और फोन नंबर बदले जाएंगे।
उमा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बूंदी