
बूंदी/पत्रिका. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व अभयारण्य में बाघिन लाने की कवायद शुरू हो गई है। रणथम्भौर से पहले चरण में रामगढ़ व सरिस्का में बाघिनों को भेजने की तैयारी है। इसके लिए गुरुवार को वन विभाग की ओर से रणथम्भौर की फलौदी, खण्डार व आरओपीटी रेंजों का दौरा किया गया । इसके बाद विभाग की ओर से आरओपीटी की बाघिन टी-119 को चिह्नित करके उसकी तलाश को शुरू किया गया, लेकिन काफी देर तक बाघिन की तलाश करने के बाद भी वन विभाग की टीम को सफलता नहीं सकी।
फिर टी-133 पर अजमाया हाथ
इसके बाद वन विभाग की टीम खण्डार रेंज की ओर रूख किया। वहां पर वन विभाग की ओर से शिफ्टिंग के लिए युवा बाघिन टी-133 को चिह्नित किया गया। इसके बाद बाघिन की तलाश शुरू की गई। इण्डाला वन क्षेत्र में बाघिन टी-133 की वन विभाग की टीम को साइटिंग भी हुई। साइटिंग होने के बाद वनविभाग की ओर से बाघिन को ट्र्रेकुंलाइज करने का प्रयास किया गया और वन विभाग ने बाघिन पर निशाना, साधा लेकिन निशाना लगने से पहले ही बाघिन भाग खड़ी हुई। ऐसे में एक बार फिर वन विभाग के हाथ मायूसी लगी। इसके बाद अंधेरा होने के कारण वन शिफ्टिंग के ऑपरेशन को टाल दिया गया। और वन विभाग की टीम खाली हाथ जंगल से बाहर आ गई।
आज फिर हो सकता है सर्च ऑपरेशन
अंधेरा होने के कारण गुरुवार को ऑपरेशन को भले ही स्थगित कर दिया गया हो, लेकिन अब शुक्रवार को बाघिनों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा सकता है। सूत्रों की माने तो एक दो दिन में ही बाघिन को रामगढ़ अभयारण्य में से शिफ्ट किया जा सकता है। गौरतलब है कि पूर्व में एनटीसीए की ओर से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, सरिस्का व मुकुंदरा में एक- एक बाघिन को शिफ्ट करने की अनुमति दी जा चुकी है।
यह भी पढ़ें : राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के 3578 पदों पर निकली भर्ती, जारी की विज्ञप्ति, देखें डिटेल्स
रणथम्भौर से बाघिन लाने के प्रयास किए गए थे। शाम होने के कारण कार्य रोकना पड़ा। अब शुक्रवार को फिर से प्रयास किए जाएंगे।
संजीव शर्मा,उप वन संरक्षक,रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व अभयारण्य
Published on:
04 Aug 2023 01:00 pm
बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
