11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बूंदी

भगवान राम के आदर्शों को अपनाकर समाज को प्रेरणा दे रहा है कुमावत समाज

संसदीय क्षेत्र के प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को बूंदी में क्षत्रिय कुमावत समाज की ओर से आयोजित भगवान श्री राम की शोभायात्रा में सम्मिलित हुए।

Google source verification

बूंदी. संसदीय क्षेत्र के प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को बूंदी में क्षत्रिय कुमावत समाज की ओर से आयोजित भगवान श्री राम की शोभायात्रा में सम्मिलित हुए। स्पीकर बिरला ने कहा कि कुमावत समाज का देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह समाज न केवल अपने परिश्रम और कर्मठता के लिए जाना जाता है, बल्कि भगवान राम के आदर्शों पर चलते हुए समाज ने सदैव राष्ट्रहित में कार्य किया है। इस समाज के आदर्शों में संस्कार, परिश्रम, और ईमानदारी की गहरी जड़ें हैं, जो हमारी भारतीय संस्कृति के मूल सिद्धांत हैं।

अराध्य प्रभु राम हर जन मन में और भारत के रोम-रोम में बसे हैं। उनकी गाथाएं हमारे ह्रदय में उतनी ही जीवंत हैं, जितनी हजारों साल पहले थीं। भगवान श्री राम की शोभायात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। भगवान राम, जो सत्य, धर्म और मर्यादा के प्रतीक हैं, उनकी जीवन यात्रा हमें सिखाती है कि समाज में सच्चाई और न्याय की जीत सदैव होती है। उनकी मर्यादा पुरुषोत्तम छवि हमें यह सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, हमें अपने कर्तव्यों और आदर्शों से कभी विचलित नहीं होना चाहिए।

छात्रावास के लिए दिलाएंगे जमीन
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कुमावत समाज ने सदैव इन आदर्शों को अपनाया है और अपने कर्मों से समाज को नई दिशा दी है। इनकी मेहनत, समर्पण और सेवा भाव ने राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। भगवान राम के आदर्शों पर चलते हुए कुमावत समाज ने न केवल अपने जीवन को संवारने का कार्य किया है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी प्रेरणा दी है। कार्यक्रम के दौरान समाज की मांग पर बिरला ने कहा कि समाज को छात्रावास के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी साथ ही भवन निर्माण में भी मैं समाज का सहयोग करूंगा।

वर्षों का इंतजार खत्म हुआ
स्पीकर बिरला ने कहा कि इस बार हमारे त्योकार विशेष है, क्योंकि अयोध्या में वर्षों का इंतजार पूरा हुआ है, और भगवान राम का भव्य मंदिर हमारे देश की आस्था का प्रतीक बनकर उभरा है। यह मंदिर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि यह हमारी आस्था, विश्वास और गौरव का जीवंत स्वरूप है। भगवान राम केवल अयोध्या के राजा नहीं, वे भारत के कण-कण में, हमारे ह्रदय और आत्मा में बसे हुए हैं। उनके आदर्श हम सबके लिए प्रेरणा हैं कि कैसे हम अपने जीवन में धर्म, सत्य, और मर्यादा का पालन कर सकते हैं।