
नैनवां. दुगारी में आई बाढ़ से बड़े पारे के पास की बही पुलिया व नजर आ रहे बाढ़ से हुए गड्ढे।
नैनवां. दुगारी बांध के ओवर फ्लो पानी के गांवों में घुसने को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने 30 करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट तैयार किया है। ओवर फ्लो पानी गांवों में घुसने से दो वर्ष से बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने प्रोजेक्ट को बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के पेश होने वाले बजट घोषणा में शामिल करने के लिए राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। प्रोजेक्ट की बजट में घोषणा होने की उम्मीद जताई है।
जल संसाधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दुगारी बांध रियासत काल का बांध है। बांध का भराव दस फीट व कुल भराव क्षमता 639 एमसीएफटी है। बांध के अपस्टीम में तीन बांध (अन्नपूर्णा, खोडी व ग्वाला) व बड़ी का खाळ एनीकट आता है। नैनवां तहसील में दो वर्ष से अत्यधिक बरसात होने व दुगारी बांध से पानी की निकासी की क्षमता पर्याप्त नहीं होने से पानी की निकासी की समस्या उत्पन्न हो रही है। बांध के ओवर फ्लो के साथ ही बांध के डाउन स्ट्रीम में स्थित दुगारी, बांसी, उरासी, मानपुरा, बिजन्ता व भामर में बाढ़ की स्थिति हो जाती है। दुगारी में तो बाजारों व मकानों में पानी घुस जाता है।
दुगारी बांध में पूर्ण जल भराव के बाद पानी की सुरक्षित निकासी के लिए दुगारी बांध की बड़ा पारा की चादर पर बड़े गेट लगाकर नाले की निकास क्षमता बढ़ाया जाना आवश्यक है।
चादर के दायीं व बायीं तरफ नाले में सुरक्षा दीवार बनायी जाना है, जिससे दुगारी की तरफ कटाव नहीं हो, पानी की आसानी से निकासी के लिए चादर के डाउनस्ट्रीम के नाले की ट्रिचिंग कार्य कराया जाना, बांध की मॉनिटरिंग के लिए चादर डाउनस्ट्रीम में एक पुल बनाकर नाले के दूसरी तरफ जाने का रास्ता बनाना शामिल है।
पांच माह बाद भी नही ली सुध
दुगारी बांध की चादर का दुगारी में घुसा पानी से गांव की सडक़ों व पुलियाओं पर गहरे गड्ढों के घाव छोड़ गया। गांव में होकर बहे चादर के पानी से पुलियाएं टूटी पड़ी है तो सीसी सडक़ों के नामोनिशान तक मिट गए। रास्ते अवरुद्ध पड़े है। गांव में आज भी अटल सेवा केंद्र, दरवाजा के पास, शाह के बड़ के पास सीसी सडक़ पर गहरे गड्ढे पड़े है तो तेजाजी के चौक व चारभुजा मंदिर के पास की पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो रही है। राजीव सेवा केंद्र के बाहर तो चालीस फीट सीसी सडक़ ही बहकर चली गई। बाढ़ से गांव में बनी आपदा की स्थिति अब भी वैसी ही बनी हुई है, जिसकी पांच माह बाद भी किसी ने सुध नही ली। दुगारी पंचायत के प्रशासक रामलाल खींची ने बताया कि मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, आपदा राहत मंत्री, जिला कलक्टर को ज्ञापन दिए जाने के बाद भी अभी तक कहीं से भी कोई भी सुध नही ले रहा।
Updated on:
11 Feb 2026 11:39 am
Published on:
11 Feb 2026 11:36 am
