2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मावठ ने बढ़ाई सर्दी, मंडी में भीगी किसानों की उपज

जिलेभर में गुरुवार को मौसम पलटने के साथ ही मावठ की पहली बरसात हुई। बारिश होने से गलन भी बढ़ गई। सुबह आसमान में कोहरा छाया रहा।

3 min read
Google source verification

बूंदी

image

pankaj joshi

Jan 02, 2026

मावठ ने बढ़ाई सर्दी, मंडी में भीगी किसानों की उपज

रामगंजबालाजी. मंडी में धान के ढेर में पानी भरने के बाद में पानी निकालते किसान।

बूंदी. जिलेभर में गुरुवार को मौसम पलटने के साथ ही मावठ की पहली बरसात हुई। बारिश होने से गलन भी बढ़ गई। सुबह आसमान में कोहरा छाया रहा। दुपहिया व चौपहिया वाहन चालक लाइट जलाकर वाहन चलाते हुए नजर आए।
हालांकि कुछ देर बाद धूप निकलने के साथ ही आमजन को सर्दी ओर गलन से कुछ राहत मिली। बरसात होने से सड़कों पर पानी बह निकला। ऐसे में अब सुबह व रात की गलन से बचने के लिए लोग अलाव तापते नजर आए।

रामगंजबालाजी. क्षेत्र में गुरुवार सुबह से बदले मौसम के मिजाज के बाद शुरू हुई बरसात से कृषि उपज मंडी में उपज बेचने आए कई किसानों के धान के ढेर भीगकर पानी बहने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी अनुसार कृषि उपज मंडी में धान के अच्छे दाम मिलने के चलते राजस्थान सहित अन्य राज्यों के कई किसान अपने उपज बेचने के लिए यहां आ रहे हैं। यहां पर उपज बेचने के दौरान रात्रि को 11 बजे बाद वाहनों को प्रवेश मिलता है।

प्रवेश मिलने के बाद में कई किसानों ने रोजाना की तरह ही खुले प्लेटफार्म पर धान के ढेर कर दिए। सुबह अचानक बदले मौसम के मिजाज के बाद में कई किसानों के ढेरों में पानी भरकर निकल गया। ऐसे में उनके धान के भीग गए। किसानों के धान के ढेर भीगने के बाद में उन्हें दाम में 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ा। इसके साथ ही कई किसानों द्वारा प्लेटफार्म पर तिरपालों से धान के ढेर ढकने के बावजूद भी बरसात अधिक होने के चलते किसानों के ढेर भीग गए।

टीनशेड से किया नीलामी का कार्य
वहीं किसानों के खुले प्लेटफार्म पर पड़े धान के ढेरों को छोड़कर आज व्यापारियों द्वारा टीन शेड में पड़े धान के ढेरों की नीलामी का कार्य शुरू किया गया। जबकि रोजाना नंबर एक प्लेटफार्म से धान की नीलामी का कार्य शुरू किया जाता है, लेकिन गुरुवार को 11 बजे तक बरसात का दौर जारी रहने के बाद में व्यापारियों व आढ़तियों ने टीनशेड के नीचे पड़े माल की नीलामी का कार्य करवाने को लेकर सहमति बनी। उसके बाद में नीलामी का और तुलाई का कार्य किया गया। उसके बाद में खुले पड़े प्लेटफार्म पर धान बिका।

कापरेन. क्षेत्र में अल सुबह से रिमझिम बारिश बारिश का दौर रहा जो दोपहर तक चला। मावठ होने से मौसम में गलन बढ़ गई। मेगा हाइवे पर भी वाहनों की आवाजाही कम रही।किसानों का कहना है कि मावठ के रूप में फसलों के लिए अमृत बरसा है। गेहूं, चने की फसलों को फायदा होगा। अधिक बरसात होने पर जिन किसानों ने फसलों को पानी दिया जा चुका है उनको नुकसान की आशंका है। उधर रिमझिम बारिश से कृषि उपज मंडी में पड़ी व्यापारियों की जिंस भीग जाने से नुकसान हुआ है। बरसात के दौरान लोगों ने ढककर जिंसों को नुकसान से बचाने का जतन किया।

किसानों के चेहरे खिले
नोताडा.
कस्बे समेत क्षेत्र में मावठ देखने को मिली। सुबह सात बजे ठंडी हवाओं के साथ बौछारें गिरी। किसानों ने बताया कि यह सीजन की पहली मावठ हुई है इससे गेहूं व चने की फसल में फायदा मिलेगा। वहीं मावठ के कारण ठंड का असर भी बढ़ गया, जिसके चलते लोग अलाव का सहारा लेकर तापते हुए नजर आए।

खटकड़. कस्बे सहित क्षेत्र में गुरुवार को हल्की बरसात हुई, जिससे सर्दी बढ़ी है। साथ ही हल्की बरसात होने से फसलों को भी फायदा हुआ है। लोग बरसात होने तक घरों में ही रहे। सड़कों में कम आवागमन रहा। दोपहर बाद धूप खिली। जिससे लोगों को राहत मिली।

देई. कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार सुबह मावठ हुई, जिससे सड़कें गीली हो गई। सुबह 11 बजे बाद सूर्यदेव निकले। जिससे लोगो को सर्दी से राहत मिली। मावठ से किसानों को फसलों में लाभ हुआ।

भण्डेड़ा. क्षेत्र में गुरूवार को सुबह छह बजे से ही बारिश के साथ नववर्ष की शुरुआत हुई है। कुछ समय रिमझिम बारिश का दौर चला है। बारिश के साथ ही कोहरे के छाने जैसा नजारा बना रहा है। दोपहर बाद मौसम में परिवर्तन हुआ व सूर्यदेव की किरणें के साथ ही कोहरे का असर खत्म हुआ है। इस दौरान ग्रामीणों को सर्दी से बचाव का जतन करना पड़ा है।

हिण्डोली. कस्बे समेत क्षेत्र के गांवों में गुरुवार को मावठ पडऩे से सर्दी बढ़ गई है। कुछ जगह तो खेतों व रास्तों में पानी बह निकला। जानकारी अनुसार सुबह मौसम का मिजाज बिगड़ गया एवं तेज हवा के साथ मावठ शुरू हो गई। घना कोहरा छा जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को सुबह हेडलाइट जलाकर आवाजाही करनी पड़ी। गलन बढ़ने से घरों से लोग काम भी बाहर निकले। किसानों का कहना है की मावठ होने से रबी की फसल को लाभ मिलेगा।

बरून्धन. कस्बे सहित क्षेत्र के गांवों में गुरुवार सुबह से शुरू हुए मावठ ने ठंड और गलन को बढ़ा दिया। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन चालक लाइटें जलाकर धीमी गति से चलते नजर आए। सर्द हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी के चलते लोग घरों में रहे। लोग अलाव का सहारा लेकर सर्दी से बचते रहे।