बूंदी. जिला परिषद की विशेष बैठक जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला प्रमुख चन्द्रावती कंवर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मौजूद सदस्यों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिला प्रमुख पर उनके क्षेत्र में कार्य नहीं करवाए जाने का आरोप लगाया। बैठक शुरू होने के दौरान जिला प्रमुख चन्द्रावती कंवर ने पूरे कोरम के आने तक बैठक को रोकने के लिए कहा तो सीईओ करतार ङ्क्षसह ने कहा कि यह विशेष बैठक है। इसमें कोरम नहीं हो तो भी अनुमोदन हो जाएगा। इस पर जिला परिषद सदस्य भंवर लाल बोले कि जब कोरम के बिना ही अनुमोदन किया जा सकता है तो हमें बुलाने की क्या जरूरत थी।तालेडा प्रधान राजेश रायपुरिया ने नियमावली को देखा। बाद में सीईओ ने नियमावली बताई तो मामला शांत हुआ। विदित रहे इससे पहले 10 मई को आयोजित जिला परिषद की साधारण बैठक कोरम के अभाव में निरस्त हो गई थी।इसमें बूंदी जिले के लिए 21200 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 4665.14 लाख लागत की प्रधानमंत्री कृषि ङ्क्षसचाई योजना के द्वितीय चरण का सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया। बैठक में राजीव गांधी जल संचय योजनान्तर्गत द्वितीय चरण के तहत जिले में करवाए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
सीईओ ने दिया आश्वासन
बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान करवाने की बात कही।जिला परिषद सदस्य अमृत लाल गुर्जर ने बैठक में कहा कि हमारे प्रस्ताव का तो कुछ नहीं हुआ। बैठक में आने की इच्छा नहीं होती। काम नहीं होते है पब्लिक के बीच में कैसे जाएं।इस पर सीईओं ने कहा कि तीन दिन में मुझे आपके कार्य बताए। आपको ठोस कारवाई का आश्वासन देता हुुं। वहीं जिला परिषद सदस्य भवंर लाल गुर्जर ने कार्य योजना में हमारे प्रस्ताव तो कही नहीं है।यह तीसरा साल चल रहा है।किस सदस्य के पास कितना बजट आया कोई हिसाब नहीं है।जिला परिषद सदस्य मधु वर्मा ने कहा कि जो 400 काम दिए है ,वो किनके है। हमारे तो नहीं ।जब काम के लिए जाते है तो सुनने में आता है कि बजट खत्म हो गया।