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मदर्स डे विशेष : मां के जज्बे को सलाम, साढ़े पांच हजार नवजात शिशु को मिली नई जिदंगी

मां का आंचल नवजात के लिए सुरक्षित कवच है, तो उसका दूध किसी संजीवनी से कम नहीं है। ऐसी कई माताएं है जो आज मदर मिल्क बैंक पहुंचकर दूध दान कर चुकी है और इस पुनीत कार्य में अपना अहम रोल निभा रही है। ऐसे में इन माताओं के जज्बे को सलाम है,

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मदर्स डे विशेष : मां के जज्बे को सलाम, साढ़े पांच हजार नवजात शिशु को मिली नई जिदंगी

बूंदी. मदर मिल्क बैंक में रखा फ्रीज।

बूंदी. मां का आंचल नवजात के लिए सुरक्षित कवच है, तो उसका दूध किसी संजीवनी से कम नहीं है। ऐसी कई माताएं है जो आज मदर मिल्क बैंक पहुंचकर दूध दान कर चुकी है और इस पुनीत कार्य में अपना अहम रोल निभा रही है। ऐसे में इन माताओं के जज्बे को सलाम है, जिन प्रसूताओं ने अपने नवजात शिशुओं के साथ दूसरे जरूरतमंद नवजात बच्चों की साथ का भी ध्यान रखा है और उसको नया जीवन देने में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है और दूध दान किया, ताकि उनका भी सम्पूर्ण बौद्धिक, मानसिक व शारीरिक विकास हो सके।

बूंदी के सामान्य चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु इकाई के पास 2017 में शुरू हुए मदर मिल्क बैंक में अब तक 8 वर्ष 2 माह में 7 हजार 500 माताओं ने 10 लाख 44 हजार 580 एमएल (1044 लीटर) दूधदान कर 5 हजार 718 नवजात शिशुओं को नया जीवनदान देकर लाभांवित किया है। वर्तमान में मिल्क बैंक में 82 यूनिट दूध स्टोरेज है।
जानकारी अनुसार जनवरी से अप्रैल माह-2025 तक यहां बैंक में 191 माताओं ने 19 हजार 350 एमएल दूध दान किया है, जो अब 187 बच्चों को दूध नसीब हो सका। बैंक नवजात शिशु जो कम वजन, समय से पहले जन्में, मां के दूध से वंचित एवं बीमार बच्चों को मां का दूध उपलब्ध करा रहा है।
या यू कहें तो नवजात के लिए मदर मिल्क बैंक नया जीवन देने वाला साबित हो रहा है। मदर मिल्क बैंक में महिलाओं द्वारा दान किया दूध माइनस 20 डिग्री में रखा जाता है, ताकि गुणवत्ता बनी रहे। इस स्थिति में इसको छह माह में उपयोग में लिया जा सकता है।
यह टीम जुटी कार्य में
मदर मिल्क बैंक की टीम इस कार्य में बखूबी जुटी हुई है। बैंक ने निसंतान दंपती के गोद ली हुई संतान को मां का दूध देकर मातृत्व सुख प्राप्त कराया। वहीं अस्पताल में भर्ती प्रसूता जो किसी कारणवश नवजात शिशुओं को दूध नहीं दिला पाती, ऐसे अब तक 24 हजार 280 प्रसूताओं को नवजात शिशुओं को दूध पिलाने में सक्षम बनाया गया है। वर्तमान में मदर मिल्क बैंक प्रभारी डॉ. प्रतिभा मीणा, मैनेजर ममता अजमेरा, टीना सैनी, यासमीन, सहायक कर्मचारी ममता कार्यरत है,जो इस कार्य में जुटी हुई है।

ताकि कोई नवजात नहीं रहे वंचित
देखने में आया है कि बैंक में प्रतिदिन 5-7 महिलाएं दूध दान करने पहुंच रही। साथ ही डिमांड के अनुसार अस्पताल के साथ एफबीएनसी में पूर्ति हो रही है। कई महिलाएं बैंक में दूध दान करने भी पहुंच रही है, ताकि कोई नवजात मां के दूध से वंचित नहीं रहे।
मां का दूध अमृत के समान
मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम है। जरूरतमंद बच्चों को मां का दूध उपलब्ध करवाने में मदर मिल्क बैंक अपनी भूमिका बखूबी निभा रहा है। बैंक खुलने के बाद अब तक 8 वर्ष में 7 हजार 500 माताओं ने 1044 लीटर दूधदान कर करीब साढ़े पांच हजार से अधिक नवजात शिशुओं को नया जीवनदान देकर लाभांवित किया है। यह बैंक के लिए उपलब्धी है। साथ ही बैंक की टीम ने 24 हजार माताओं को नवजात शिशुओं को दूध पिलाने में सक्षम बनाया गया है।
डॉ. प्रभाकर विजय ,प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, बूंदी