
गुढ़ानाथावतान.बूंदी टनल के पास नगर वन के लिए प्रस्तावित वन क्षेत्र।
गुढ़ानाथावतान. खूबसूरत वादियों में बसी छोटीकाशी बूंदी के प्राकृतिक सौंदर्य में यहां बनने वाले नगर वन की सौगात ओर जुड़ने वाली है। वन विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग-52 स्थित टनल के पास 18 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नगर वन के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। इसके तहत कांटी अस्तोली वन खण्ड में टनल के बाहर कोटा की ओर के बूंदी शहर के नजदीकी जंगल को चुना गया है। वन विभाग ने पूर्व में यहां नगर वन विकसित करने के प्रस्ताव भेजे थे। जिस पर कुछ संसोधन के बाद कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उमीद है कि जल्दी ही शहर के लोगों को शहर के नजदीक घूमने के लिए शुद्ध प्राकृतिक वातावरण का नया ऑक्सीजोन मिलेगा।
बबूलों की जगह लगेंगे छायादार पेड़ पौधे
शहर के नजदीक हाइवे पर टनल के पास बनने वाले नगर वन में बिलायती बबूलों को हटाकर सुंदर जंगल विकसित किया जाएगा। यहां तार फेंसिंग, पाथवे, बोरिंग मय सोलर पंप, गॉर्ड चौकी, प्राकृतिक झोपड़ियां, सुविधाएं व फलदार व छायादार पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि कोटा से जयपुर जाते समय टनल के दोनों तरफ यात्रियों का ध्यान जाता है जहां विलायती बबूलों का जंगल दिखता है। अब यहां नगर वन विकसित किए जाने की योजना से उमीद जताई जा रही है कि यह क्षेत्र अब यहां से गुजरने वाले राहगीरों को भी आकर्षित करेगा।
राज्य के 40 शहरों में विकसित होंगे नगर वन
राजस्थान सहित देशभर में इन दोनों नगर वन (ऑक्सीजोन) विकसित किए जा रहे हैं। राजस्थान में 40 जगहों पर नगर वन विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। प्रथम चरण के 13 शहरों में स्वीकृत 22 नगर वनों का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा 18 नगर वन के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। पहले शहर के 5 किलोमीटर के दायरे में ही नगर वन विकसित करने की शर्त रखी थी। जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाकर 10 किलोमीटर कर दिया है।
कंक्रीट सीमेंट का नहीं होगा काम, प्राकृतिक होंगे वन
देशभर में करीब 400 शहरों में नगर वन विकसित होंगे। नगर वन में जैव विविधता पार्क, स्मृति वन, तितली संरक्षण केंद्र और हर्बल गार्डन जैसे घटक शामिल होंगे। राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनरोपण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के कोष की वित्तीय सहायता से वर्ष 2027 तक देशभर में 1 हजार से ज्यादा नगर वन विकसित किए जाएंगे। इन नगर वनों को पूर्ण रूप से प्राकृतिक वातावरण के रूप में विकसित करने की योजना है और गिट्टी सीमेंट का काम नहीं होगा।
इनका कहना है
बूंदी शहर में टनल के पास 18 हेक्टेयर वन भूमि पर नगर वन विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। जिससे शहर के नजदीक एक नया प्राकृतिक ऑक्सीजॉन मिल सकेगा।
देवेंद्र सिंह भाटी, उपवन संरक्षक, बूंदी
Published on:
13 May 2025 07:44 pm
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