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बूंदी. क्षेत्र के लालपुरा गांव के दो बीपीएल परिवारों को स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास के लिए प्रशासन दस माह बाद भी भूमि उपलब्ध नहीं करा सका। अब इन परिवारों को पूर्व में मर्ज हुए प्राथमिक विद्यालय भवन में ही रहना पड़ रहा है।
लालपुरा निवासी हीरालाल ओड व हेमराज ओड अटल सेवा केन्द्र के पास खाली पड़ी भूमि में पिछले बीस वर्षों से निवास कर रहे थे। उक्त भूमि खेल मैदान के लिए आवंटित होने के बाद अतिक्रमण हटाने के दौरान इन लोगों के कच्चे मकान प्रशासन ने तोड़ दिए। आशियाना उजडऩे के बाद इन परिवारों के लोगों को कही भी सिर छिपाने के लिए ठोर नहीं मिली। ऐसे में तत्कालीन तहसीलदार ने इन लोगों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंदजी का खेड़ा के खाली पड़े भवन में रहने की अनुमति दे दी। अब दस माह बाद भी पंचायत व राजस्व विभाग इन लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास के लिए भूमि उपलब्ध करवाने में फेल रहा।
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बिना भू परिवर्तन करवाए ही काट दिए पट्टे
पंचायत में निवास कर रहे कई लोगों के सिवायचक, चरागाह व राजकीय उपयोगार्थ भूमि का भू परिवर्तन कराए बिना ही पट्टे जारी कर दिए। दो माह पूर्व पंचायत में लगाए गए पट्टा वितरण शिविर में लालपुरा, बागदा, संगावदा, किशनपुरा व जालेड़ा के बीपीएल परिवारों को बिना आबादी विस्तार भूमि में ही पट्टी जारी कर दिए।
हलका पटवारी विनोद शर्मा ने बताया कि पंचायत ने आबादी के कुछ प्रस्ताव मांगे थे, जहां लोग निवास कर रहे हैं वह भूमि सिवायचक व चरागाह की होने के चलते राजस्व विभाग ने प्रस्ताव भू परिवर्तन के लिए भेजे थे, लेकिन पंचायत द्वारा कई लोगों के बिना भू परिवर्तन कराए ही पट्टे जारी कर दिए गए। भूमि आवंटन का मामला प्रशासन को भेज रखा है।
Published on:
05 Jan 2018 12:17 am
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