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सिख समाज के लोग एक जुट होकर गुरुद्वारे की छत निर्माण में बने सहभागी

भीषण गर्मी में भी एकजुट होकर सिख समाज के लोगों ने बडगांव आगम गढ़ गुरुद्वारे की हो रही दूसरी मंजिल छत निर्माण में सेवा कर योगदान किया।

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सिख समाज के लोग एक जुट होकर गुरुद्वारे की छत निर्माण में बने सहभागी

तालेड़ा. आगमगढ़ गुरुद्वारे की दूसरी मंजिल की छत निर्माण करते समाज के लोग।

तालेड़ा. भीषण गर्मी में भी एकजुट होकर सिख समाज के लोगों ने बडगांव आगम गढ़ गुरुद्वारे की हो रही दूसरी मंजिल छत निर्माण में सेवा कर योगदान किया। संत बाबा तारा सिंह आशीर्वाद व संत बाबा लक्खासिंह, बलविन्दर सिंह की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उमड़ पड़े। बडग़ांव आगम गढ़ गुरुद्वारे के निर्माण कार्य में अपना योगदान कर सेवा करने में तत्पर था। देखते ही देखते लोगों की भीड़ सेवा कार्य करने में जुट गई। अमीरी गरीबी के स्तर को भूलकर सभी सेवा भाव से किसी सीमेंट डाला तो किसी ने रेत की तगारिया। राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी कार सेवा करने आए लोगों हुजूम में काम करने का जज्बा सभी लोगों में देखने को मिला। कार सेवा के कार्य में छोटी से बड़ी आयु के लोग प्रचंड गर्मी में अमीरी गरीबी का भेदभाव भूलाकर समान रूप से एकदूसरे के साथ मिलकर काम करने का नजारा देखते ही बन रहा था। इस दौरान महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित देश विभिन्न प्रदेश से बडगांव गुरुद्वारा कार सेवा में एकत्रित हुए। इस दौरान तालेड़ा क्षेत्र के अल्फा नगर, बरूंधन, सीतापुरा, नमाना रोड, रामगंजबालाजी सहित हाड़ौती से भी लोगों का सैलाब कार सेवा में आस्था का जज्बा देखा गया।
बाबा बलविन्दर सिंह, बाबा बलकार सिंह, हरजीत सिंह, बाबा शेर सिंह,कुलविन्दर सिंह, ग्रंथि ज्ञानी भगवान सिंह, जसवाल सिंह, कथावाचक ज्ञानी गुरनाम सिंह, प्रबंध समिति के सुख विन्दर सिंह, तसमीत सिंह, बेदी सिंह, हरकीरत सिंह अटवाल खुद सेवा करते हुए व्यवस्थाओं को संभाल रहे थे। सबसे गौरतलब बात यह रही कि छत की काङ्क्षस्टग के कार्य किया। इस कार्य करवाने के लिए किसी मजदूर कारीगर की मदद नहीं ली गई। सभी समाज के लोग ही श्रमिक व कारीगर की भागीदारी निभाई गई।
महिलाओं की रही बराबर भागीदारी
बडग़ांव गुरुद्वारा आगम गढ़ की छत निर्माण में जितने पुरुष नजर आ रहे थे उतनी ही महिलाओं ने भी सेवा का कार्य कर पुण्य कमाया है। और पुरुषों के साथ कार्य किया।