
रामगंजबालाजी. अन्थडा मार्ग पर जाम लगाने के बाद जाम हटाने के लिए समझाइश करती पुलिस।
रामगंजबालाजी. राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से अन्थडा गांव जाने वाली सडक़ 5 किलोमीटर पूर्णतया गड्ढों में तब्दील होने के बावजूद सडक़ की सुध नहीं लिए जाने के विरोध में आसपास के एक दर्जन गांवों के लोगों ने सोमवार सुबह लालपुरा गांव जाने वाले मार्ग के पास जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार राजमार्ग से अन्थडा जाने वाले मार्ग की सडक़ 5 किलोमीटर की सडक़ लालपुरा गांव के निकट संचालित हो रही फैक्ट्री के पास तक पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई। फैक्टी से हाइवे तक जाने वाले ओवर लोड वाहनों के दबाव से व बथवाड़ा से अवैध मिट्टी वाले वाहनों के दबाव से 5 किलोमीटर की सडक़ पूर्णता गड्ढों में तब्दील हो गई। इस मामले को पत्रिका द्वारा 5 किलोमीटर की सडक़ में 15 सौ गड्ढे आए दिन सडक़ पर लगता है जाम शीर्षक से खबर प्रकाशित करके मामला उजागर किया था। उसके बाद में फैक्ट्री संचालक द्वारा सडक़ में हो रहे गड्ढों में ग्रेवल के साथ में बड़े-बड़े पत्थर डलवाए जाने के बाद में यहां निकलने वाले वाहन चालकों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा था। इस मामले को लेकर पिछले कई महीनों से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी सडक़ की सुध नहीं ली जा रही थी।
ऐसे में तालेड़ा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम शंकर राठौर के नेतृत्व में एक दर्जन गांवों लीलेडा, अन्थडा, साथेली, बथवाडा, लालपुरा, बागदा, ठिकरिया चारणान, हाड़ा का पीपल्दा, कराड का बरधा, खोतया गांव के लोगों ने यहां पर सुबह 9 बजे जाम लगाकर विरोध जताना शुरू किया। सूचना मिलने के बाद में 10:30 बजे करीब तालेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को जाम हटाने के लिए समझाने प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए। ऐसे में पुलिस सहायक निरीक्षक देशराज ङ्क्षसह ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शेखर चन्द मीणा व सहायक अभियंता अभिषेक गुजर को मौके पर बुलाया। लगभग 11.30 बजे बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को मंगलवार से उक्त मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया।
साथ ही फैक्ट्री संचालक द्वारा बिना अनुमति के सडक़ का कार्य करवाकर डाले गए ग्रेवल के पत्थरों को रोलर द्वारा समतल करवाने की बात कही। कार्य नहीं करवाने पर मुकदमा दर्ज करवाने की बात पर सहमति बनी। जिसके बाद में 12 बजे के बाद जाम खोल दिया गया।
होते रहे परेशान
यहां सडक़ पर जाम लगाने के बाद में गांव से शहर में जाने वाले सरकारी कर्मचारियों, फैक्ट्री में जाने वाले कर्मचारी, दूध बेचने वाले, खेतो से चारा लेकर जाने वाले किसान 3 घंटे तक जाम लगने के बाद से ही परेशान होते रहे।
Updated on:
9 Sep 2025, 12:13 PM IST
Published on:
9 Sep 2025, 12:13 PM IST
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