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बूंदी

बारिश से भिगी मेहनत, किसानों की आंखे नम

तेज हवा से खेतों में पसरी फसल, बेबस नजर आए धरतीपुत्र

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बूंदी. कुंवारती कृषि उपज मंडी में उपज बेचने आए किसानों के लिए गुरुवार शाम को अचानक बदला मौसम का मिजाज आफत बन गया। कई किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए गेहूं के ढेर पानी के बहाव के साथ बहने से लाखों रुपए की उपज भीग गई।कई किसान दिन भर मौसम खराब होने के चलते गेहूं की फसल की कटाई करके सीधे मंडी के प्लेटफार्म पर ढेर लगा दिए थे।ढेर लगाने के बाद 5 बजे बाद में अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश ने किसानों के सारे अनुमानों पर पानी फेर दिया। लगभग आधा घंटे तक तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से किसान बेबस नजर आए।मंडी प्रशासन द्वारा भीगने वाली जींस को ढकने के लिए किसानों को तिरपाल तक भी उपलब्ध नहीं करवाया पाया। गणपतपुरा के किसान गिर्राज मीणा, खेडिय़ा दुर्जन के मुकेश, शिवराज मीणा, विष्णु , बबलू मीणा ने बताया कि मंडी में गेहूं के ढेरों को ढकने के लिए तिरपाल की यहां चेक पोस्ट पर कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन यहां पर किसी ने त्रिपाल उपलब्ध नहीं कराए। ऐसे में गांव जाकर अपने स्तर पर व्यवस्था की तब तक सारे गेहूं भी गए।