
Bundi News : छोटी काशी कहलाने वाले बूंदी जिले में देवस्थान विभाग के अधीन कई मंदिरों के भवन की हालत खस्ता होने लगी है। इन मंदिरों में केशवरायपाटन का प्रसिद्ध भगवान केशव और बूंदी शहर का चारभुजा नाथ मंदिर भी शामिल है। इनकी मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए विभाग से बजट मांगा जा रहा है, लेकिन पिछले पांच साल में विभाग से इसके लिए एक रुपया भी नहीं मिला। हालत यह है कि पुरातत्व महत्व के कई मंदिरों के भवन से पत्थर गिरने लगे है। कुछ भक्त मरम्मत कराने के लिए इच्छुक दिखे, लेकिन इस कार्य पर भारी भरकम राशि देखकर वे भी पीछे हट गए।
जानकारी के अनुसार जिले में देववस्थान विभाग के अधीन 15 मंदिर एवं देवालय है। इनमें बूंदी शहर का प्रमुख मंदिर चारभुजा नाथ एवं केशवरायपाटन का भगवान केशव का इन मंदिरों के भवन में काफी समय से मरम्मत व जीर्णोद्वार की दरकार है, लेकिन पांच साल में बजट नहीं मिलने से इस कार्य पर एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। केवल सेवा पूजा के लिए पुजारियों को बजट दिया जा रहा है।
गिर रहे है छत और शिखर से पत्थर
केशवरायपाटन में चम्बल नदी के किनारे स्थित करीब पांच सौ साल पुराने पौराणिक केशव मंदिर के माणक चौक और मुख्य द्वार पर पत्थर टूटकर गिरने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। जर्जर हो चुके शिखर व छत से कभी भी बड़े -बड़े पत्थर टूटकर कर गिरने से श्रद्धालुओं के घायल होने का डर बना रहता है। पिछले दिनों भी यहां पत्थर टूटकर गिर गया था, लेकिन उस समय वहां किसी श्रद्धालु के नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। मंदिर का शिखर बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त
पौराणिक केशव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कई बार राज्य सरकार और देवस्थान विभाग को लिखा जा चुका है। यहां वर्ष 2017 में निर्माण कार्यों के लिए चार करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, इसमें से पचास लाख रुपए घाट के पास बनी छतरियों पर खर्च हुए थे। निर्माण होने के बाद बारिश में चम्बल नदी में आए पानी से यह छतरियां क्षतिग्रस्त हो गई।
दीवार से गिर रहा चूना
बूंदी शहर में देवस्थान विभाग से सटे गोपाल मंदिर का भवन कई वर्षों से जर्जर हालत है। इस मंदिर की स्थिति से विभाग के अधिकारी भी वाकिफ है। मंदिर के पुजारी मधुसूदन ने बताया कि मंदिर की दीवारों से चूना गिर रहा है। मुख्य दरवाजे की के पास से पत्थर निकलने लगे है। एक कमरे की छत गिरने से बारिश का पानी भी भर जाता है।
मरम्मत के लिए भक्त आगे आए
शहर के मध्य में स्थित भगवान चारभुजा नाथ के मंदिर भवन की काफी समय से मरम्मत नहीं हुई थी। इस कारण श्रद्धालुओं ने राशि एकत्र कर बाहरी दीवार पर रंगरोगन एवं चित्रकारी करवाई है। मंदिर के पुजारी पूरण चन्द चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर के अंदर से दीवारें बारिश के पानी की वजह से काली पड़ चुकी है। बारिश में काफी पानी टपकता है। छत गिरने की आशंका से अधिकारियों को अवगत करवा चुके है, लेकिन अभी तक किसी ने सुध नहीं ली।
विभाग के अधीन जिले में 15 मंदिर व देवालय है। कई मंदिर परिसर में दीवार व छतें जर्जर हालत है। पुजारियों को सेवा पूजा की राशि नियमित रूप से दी जा रही है। पिछले पांच साल में मरम्मत के लिए कोई राशि नहीं आई है। केशवरायपाटन में मंदिर का जीर्णोद्वार स्वदेश दर्शन योजना में करवाया जाना है। हालांकि अभी डीपीआर नहीं बनी है।
आशुतोष, निरीक्षक देवस्थान विभाग बूंदी
Published on:
3 Feb 2024, 2:19 PM IST
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