
इंद्रगढ़. बीजासन माता मंदिर
इंद्रगढ़. बीजासन माता मंदिर पर रोप वे बनाने के लिए 16 करोड़ रुपए का डीपीआर तैयार हुआ। रोपवे निर्माण कार्य मलमास के बाद 15 जनवरी से भूमि पूजन के साथ शुरू होगा। राज्य सरकार की बजट घोषणा में बनने वाले रोप वे का भूमि पूजन जनवरी में होगा। रोप वे में बनने के बाद एक साथ 72 श्रद्धालु बीजासन माता के दर्शन करेंगे।
12 ट्रॉलियां लगाई जाएगी। आवश्यकता हुई तो बाद में 24 ट्रॉलियां तक लगा सकते हैं। एक ट्रॉली में 6 श्रद्धालु बैठकर बीजासन माता मंदिर पर जा सकेंगे। रोपवे बनने के बाद श्रद्धालुओं की बिजासन माता के दर्शन की राह आसान होगी। रोपवे बनने के बाद बीमार श्रद्धालु, बुजुर्ग, दिव्यांग सहित अन्य श्रद्धालु ऊपर पहाड़ी पर स्थित बीजासन माता के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।
2000 वर्ष पुराना है बीजासन माता मंदिर
इंद्रगढ़ क्षेत्र का बीजासन माता मंदिर करीब 2000 वर्ष पुराना मंदिर है। माता की प्रतिमा फनाकर आकृति में है। मंदिर पर दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को 750 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है। मंदिर पर एक वर्ष में 2 बार मेले का आयोजन होता है। चैत्र नवरात्रि में 9 दिवसीय मेले का आयोजन होता है।
वहीं शारदीय नवरात्रि में 9 दिवसीय मेले का आयोजन होता है। भादवा में गुप्त नवरात्रि में भी प्रदेश भर से पैदल यात्री आते हैं। चैत्र नवरात्रि में 9 दिवसीय मेले करीब 6 लाख श्रद्धालु बीजासन माता के दर्शन करते हैं। वहीं शारदीय नवरात्रि में 9 दिवसीय मे 9 लाख श्रद्धालु बीजासन माता के दर्शन करते हैं।
गुप्त नवरात्रि में भी प्रदेश भर से पैदल यात्री चैत्र नवरात्रि व शारदीय नवरात्रि से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। नवरात्रि मेला में 9 दिनों तक मेले का श्री बीजासन माता कल्याण एवं विकास समिति की ओर से मेले का आयोजन किया जाता है। नवरात्रि में बीजासन माता के कई श्रद्धालु कनक दंडवत परिक्रमा भी लगते हैं। सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारों का आयोजन भी नवरात्रि मेले में किया जाता है।
Published on:
02 Jan 2026 06:48 pm
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