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सरदार बूंदा मीणा ने की थी बूंदी की स्थापना…जानें क्या कहते हैं इतिहासकार

बूंदी. क्षेत्रीय जातियों में सबसे बड़ी जाति आदिवासी मीणा जाति को ही माना गया है। उसके मुख्य सरदार बूंदा मीणा थे, जिन्होंने बूंदी की स्थापना की थी।

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सरदार बूंदा मीणा ने की थी बूंदी की स्थापना...जानें क्या कहते हैं इतिहासकार

सरदार बूंदा मीणा ने की थी बूंदी की स्थापना...जानें क्या कहते हैं इतिहासकार

बूंदी. क्षेत्रीय जातियों में सबसे बड़ी जाति आदिवासी मीणा जाति को ही माना गया है। उसके मुख्य सरदार बूंदा मीणा थे, जिन्होंने बूंदी की स्थापना की थी। इतिहासकार कहते हैं कि बूंदा मीणा यहां के सबसे बड़े सरदार थे और सबसे बड़ी जाति होने की वजह से इस क्षेत्र में बूंदा मीणा सर्वाधिक बलशाली थे। बूंदा मीणा ने बूंदी की स्थापना की। उन्हीं के नाम से इसका नाम रहा। इसके बाद बूंदी में वर्ष 1241 के बाद से हाड़ाओं का इतिहास रहा है। आज भी बूंदी के इतिहास और यहां के पुरा वैभव को जानने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं।

बायपास रोड पर बनेगा सरदार बूंदा मीणा का पैनोरमा
बूंदी के संस्थापक बूंदा मीणा के पैनोरमा निर्माण मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। मीणा समाज की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही इस मांग को पूरा करने का जिम्मा नगर परिषद ने ले लिया। इसके लिए जमीन चिह्नित करने के साथ ही बजट खर्च करने की जिम्मेदारी भी नगर परिषद ने ली है। अब बूंदी में वर्षों से चली आ रही संस्थापक सरदार बूंदा मीणा के पैनोरमा निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है। पैनोरमा का निर्माण बायपास रोड स्थित भगवान मत्स्य मंदिर के ठीक सामने नगर परिषद की जमीन पर होगा। पैनोरमा निर्माण के लिए दो सौ पचास गुणा 70 फीट का स्थान चिह्नित किया गया है। पैनोरमा निर्माण पर प्रारंभिक तौर पर करीब 20 लाख रुपये के खर्चे का आकलन किया गया है, जिसे नगर परिषद ही वहन करेंगी। इसी पैनोरमा स्थान पर ही सरदार बूंदा मीणा की मूर्ति भी लगाई जाएगी, जिससे कि यहां आने वाले लोग बूंदी के संस्थापक के बारे में जान सकें। मूर्ति लगाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर नगर परिषद की ओर से जल्द समिति के समक्ष भेजने का भी निर्णय किया गया है, जिससे कि जल्द इस ऐतिहासिक स्थल का निर्माण शुरू हो सकेगा। अब सभी को इसके जल्द से निर्माण शुरू होने का इंतजार रहेगा।

बूंदी में सरदार बूंदा मीणा का पैनोरमा बहुत पहले बन जाना चाहिए था। पिछली सरकार ने बिना प्लानिंग और बजट दिए घोषणा कर दी। इसके लिए अब सारा खर्च नगर परिषद से वहन करने का निर्णय किया है। जगह चिह्नित कर ली गई है। यह निर्णय बूंदी के पर्यटन के साथ -साथ यहां के लिए ऐतिहासिक स्मारक के रूप में तैयार होगा।
हरिमोहन शर्मा, उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी