
मुख्य सचिव उषा शर्मा
बूंदी. वरिष्ठ आइएएस अधिकारी ऊषा शर्मा को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाने पर बूंदी में खुशी छा गई। शर्मा वर्ष 1994 से 95 तक बूंदी की जिला कलक्टर रही। शर्मा ने बूंदी में जिला कलक्टर के पद पर रहते कई काम किए जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा मिलेंगे। तब सरकार ने साक्षरता अभियान शुरू किया था, जिसे लेकर चले जागरूकता अभियान में जिला कलक्टर शर्मा की अहम भूमिका रही।
इसे अभियान के गांव-गांव तक पहुुंचाने के लिए कला जत्थों का गठन किया गया। जो ग्रामीणों के बीच पहुंचे। तब एक गीत प्रचलित हुआ था ‘पढ़बा न चालगां, आपा लिखबा न चालगा...’। इस गीत के माध्यम से कला जत्थों के गांव-गांव में साक्षरता की ओर प्रौढ़ों का भी ध्यान आकर्षित किया। तब बूंदी में साक्षरता अधिकारी राजेन्द्र रोणीवाल थे। यह गीत बाद में प्रचलन में रहा। इस गीत पर राज्य स्तरीय मंचों तक पढ़ाई-लिखाई को लेकर अलख जगाने का काम हुआ। शर्मा के बूंदी में जिला कलक्टर रहने के वक्त बूंदी में राजकीय कन्या महाविद्यालय की नींव भी रखी गई।
शर्मा के सहज होने से उनके सचिव बनने पर यहां सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों के बीच खुशी दिखाई पड़ी। सोशल मीडिया पर शर्मा को बधाई के संदेश देर रात से ही प्रसारित होने शुरू हो गए थे। शर्मा ने नए मुख्य सचिव का कार्यभार सोमवार को ग्रहण कर लिया। वह प्रदेश की दूसरी महिला आइएएस अधिकारी रही जो मुख्य सचिव बनी।
जोशी की नजदीकी रिश्तेदार
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उषा शर्मा विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की बेहद नजदीक रिश्तेदार हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उषा शर्मा को मुख्य सचिव बनवाने में सीपी जोशी की भी पर्दे के पीछे बड़ी भूमिका रही है।
इन विभागों में कर चुकी हैं काम
वहीं उषा शर्मा राजस्थान में यूडीएच सचिव, नागरिक उड्डयन सचिव ,पर्यटन सचिव, उद्योग सचिव, जेडीसी, इसके अलावा बूंदी और अजमेर की कलक्टर भी रह चुकी हैं।
पहले भी चला था नाम
दरअसल मुख्य सचिव के लिए उषा शर्मा का नाम पहले भी मजबूती से चला था लेकिन गहलोत सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर प्राथमिकता देते हुए निरंजन आर्य को मुख्य सचिव बनाया था। लेकिन इस बार मुख्य सचिव की दौड़ में उषा शर्मा का नाम काफी मजबूती से चल रहा था।
Published on:
31 Jan 2022 03:23 pm
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