
बूंदी. बस स्टैण्ड पर मॉक ड्रिल के दौरान मौजूद प्रशासनिक, पुलिस, चिकित्सा, नगरपरिषद, सिविल डिफेंस, स्काउट व अन्य।
बूंदी. बजते सायरन…चीख पुकार, ड्रोन हमले में घायलों के राहत बचाव में जुटता अमला…एक के बाद एक 6 धमाके से शनिवार शाम को बूंदी का बस स्टैंड दहल उठा। जिसने से भी यह मंजर देखा वो सहम गया। आग को बुझाने में अग्नि शमन दल जुटा रहा तो वहीं एम्बुलेंस घायलों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ लगाती रही। जब मॉक ड्रिल का पता चला तो लोगों ने राहत की सांस ली। हुआ यूं कि प्रशासनिक व पुलिस अमले की सतर्कता परखने के लिए शनिवार शाम को भारत सरकार के निर्देश पर ऑपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल आयोजित हुई। कंट्रोल रूम के जरिए मैसेज जारी हुआ कि बूंदी की बस स्टैंड में ड्रोन हमला हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, चिकित्सा विभाग व सिविल डिफेंस के जवान बस स्टैंड की ओर दौड़ लगाते हुए दिखे। आग लगने ही सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड भी दौड़ पड़ी और आग बुझाने में कार्मिक जुट गए। हमले में 36 लोग घायल हो गए। इनमेें 6 गंभीर घायलों को इलाज के लिए सामान्य चिकित्सालय भेजा गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा और आम लोगों को जागरूक करना था। इस मौके पर कार्यवाहक जिला कलक्टर सुदर्शन ङ्क्षसह तोमर, पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा सहित प्रशासनिक व चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बस स्टैंड में सहमे यात्री
जैसे ही बस स्टैंड पर हमले की सूचना मिली तो पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को बाहर निकाल कर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। बस स्टैंड पर अचानक चल रही इस कार्रवाई को देखकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एक के बाद एक धमाके से बस में बैठे यात्री और आसपास के लोग सहम गए, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाकर मॉक ड्रिल के उद्देश्य की जानकारी दी, तब जाकर राहत की सांस ली। वही रात आठ बजे स्वैच्छिक ब्लेक आउट रहा। लोगों ने अपने घरों की लाईटें बंद रखी। शहर के अलग-अलग जगहों पर
सायरन बजे।
Updated on:
01 Jun 2025 09:37 am
Published on:
01 Jun 2025 09:37 am
