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न्यायालय ने सरपंच का निर्वाचन निरस्त किया

तीसरी संतान प्रकरण का मामला

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नैनवां. नैनवां के वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश मयंक पालीवाल ने सोमवार को नैनवां पंचायत समिति की सुवानिया ग्राम पंचायत के सरपंच रमेशी बाई के खिलाफ दायर चुनाव याचिका की सुनवाई करते हुए निर्वाचन निरस्त कर दिया।
दो वर्ष पहले 22 जनवरी 2020 को हुए सुवानिया ग्राम पंचायत के सरपंच के चुनाव में रमेशीबाई बाई मीणा सरपंच निर्वाचित घोषित हुई थी। रमेशीबाई के खिलाफ चुनाव लडऩे वाली धोलीबाई ने रमेशीबाई के 27 नवम्बर 1995 के बाद तीसरी संतान होना बताकर रमेशीबाई के निर्वाचन के खिलाफ 8 फरवरी 2020 को न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया था कि रमेशीबाई ने सरपंच के पद के लिए नामांकन पेश करते समय अपने दो ही संतान होने का शपथ पत्र पेश किया था। जबकि रमेशी बाई के तीन संतान है।
रमेशी बाई की तीसरी संतान अभिषेक मीणा है, जिसका जन्म 26 मार्च 2008 को टोंक जिले के दूनी सामुदायिक चिकित्सालय में हुआ है। याचिका कर्ता के अधिवक्ता देवेंद्रकुमार जैन ने बताया कि याचिका कर्ता ने सरपंच रमेशीबाई की तीसरी संतान अभिषेक मीणा के जन्म के दूनी चिकित्सालय का जन्म प्रमाण पत्र के साथ 23 फरवरी 2010 को जन्म-मृत्यु रजिस्टर में दर्ज होने के साक्ष्य पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर बहस की गई। न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर याचिका स्वीकार करते हुए सरपंच पद पर निर्वाचित रमेशीबाई के निर्वाचन को निरस्त कर दिया।