
हिण्डोली कस्बे का नजारा।
हिण्डोली. ग्राम पंचायत को नगरपालिका में क्रमोन्नत हुए तीन वर्ष होने के बाद भी कस्बा सहित आसपास के मजरे व गांव विकास की बांट जोह रहे हैं। यहां पर गांव व मजरों में विकास तो दूर रोशनी की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है। वर्ष 2022 में विधानसभा में बजट सत्र के दौरान हिण्डोली ग्राम पंचायत को नगरपालिका में क्रमोन्नत किया था, जिसके बाद से ही कई उतार चढ़ाव आए। निर्माण कार्य की स्वीकृति पट्टे सहित अन्य विकास कार्य नहीं होने के कारण यहां के लोगों ने नगरपालिका से वापस ग्राम पंचायत बनाने की भी मांग की थी।
नगरपालिका अस्तित्व में आ गई, लेकिन विकास के नाम पर पालिका क्षेत्र में कोई खास नहीं हो पाया। ऐसे में यहां के लोगों में काफी निराशा छाई हुई है। नगरपालिका बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि बिजली के पोल पर लाइट लगेगी, लेकिन रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को रात भर अंधेरे में रहना पड़ता है। यहां सीसी सड़कें नालियां तक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। पुराना एनएच 12 के सड़क के बीच के भी हाल काफी खराब है।
उपेक्षित पड़े राजस्व मजरे व गांव
नगरपालिका बने 3 साल होने के बाद भी यहां पर हनुमान का झोपड़ा, बाबा जी का बरड़ा, चांदी का बरड़ा, मांदोलिया का बरड़ा, हनुमान का झोपड़ा कहारों का बरड़ा, सहित कई राजस्व गांव व मजरे उपेक्षित पड़े हुए। लोगों को सीसी सड़क व नालियों का निर्माण व रोशनी का इंतजार है।
4 करोड़ से अधिक के विकास कार्य होंगे
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र मीणा ने बताया कि शुरू में बजट का अभाव था, लेकिन बजट आने के बाद हिण्डोली व आसपास के गांवों व मजरों में करीब 4 करोड रुपए के विकास कार्य के टेंडर डाले गए हैं। कुछ कार्य निर्माणधीन हैं। मीणा ने बताया कि 50 लाख की लागत से नया बस स्टैंड का निर्माण कार्य जारी है।
50 लाख रुपए की लागत से कस्बे सहित गांव मजरों में सोडियम लाइट लगाई जाएगी, जो जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। यहां नाला निर्माण, नंदी शाला निर्माण, पार्क का निर्माण, नालियां सहित कई कार्य जल्दी ही धरातल पर आने वाले हैं। नगरपालिका क्षेत्र में मार्च के बाद फिर बजट मिलने पर कस्बे का ओर विकास करवाया जाएगा।
ग्राम पंचायत में लोगों ने मकान उनके तरीके से बना रखे थे। अब नगरपालिका होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां का विकास नहीं होने से लोगों में काफी नाराजगी है। नगरपालिका प्रशासक को चाहिए कि हर वार्ड में कैंप लगाकर सस्ती दर पर पट्टे आवंटित किए जाए एवं 10 वर्ष का विकास का मैप तैयार कर जनता के सामने रखा जाए।
हनुमान व्यास, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत हिण्डोली।
नगरपालिका बनने के बाद कस्बे सहित नगरपालिका क्षेत्र में आ रहे गांवों का विकास थम गया है। बारिश में रास्तों में पानी भरा रहता है। सड़कें नहीं बनी, नालियों का निर्माण नहीं हुआ और ना ही रोशनी की व्यवस्था तक हो पाई है। ऐसे में लोगों को परेशानी हो रही है। वही लोग निर्माण की स्वीकृति लेने जाते हैं तो अड़चनें आ रही हैं। इसे तत्काल दूर करना चाहिए।
नितेश खटोड, हिण्डोली
3 वर्ष नगरपालिका की विकास पर किसी का ध्यान नहीं है। यहां काम के लिए लोग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। रोजगार नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। मकानों की स्वीकृति जारी नहीं की जा रही है।
ऋतुराज पारीक, उप प्रधान हिण्डोली।
Updated on:
07 Jan 2026 06:36 pm
Published on:
07 Jan 2026 06:35 pm
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