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22 साल पहले खोला प्राइमरी स्कूल किया बंद

तालेड़ा उपखंड की तीरथ ग्राम पंचायत के छोटी तीरथ गांव में शिक्षा विभाग ने 22 साल पहले खोला प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिया है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Feb 18, 2025

22 साल पहले खोला प्राइमरी स्कूल किया बंद

सुवासा छोटी तीरथ स्कूल को स्कूल प्रशासन ने ताला लगाकर किया बन्द।

सुवासा. तालेड़ा उपखंड की तीरथ ग्राम पंचायत के छोटी तीरथ गांव में शिक्षा विभाग ने 22 साल पहले खोला प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिया है। स्कूल में अध्यनरत 68 बच्चे 2 दिन से जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी को क्रॉस कर तीरथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाने को मजबूर है।

जानकारी अनुसार 2002 में छोटी तीरथ गांव में प्राइमरी स्कूल खोला गया था, जिसमें अभी 68 बच्चे अध्यनरत है। चार साल से स्कूल भवन की मरम्मत नहीं होने से जर्जर अवस्था में पहुंच गया और धीरे-धीरे स्कूल की छत का प्लास्टर नीचे गिरने लग गया। शिक्षा विभाग ने प्राइमरी स्कूल को बंद करके स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और सब बच्चों को 2 किलोमीटर दूर तीरथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आने का फरमान जारी कर दिया, जिसके चलते स्कूल में कम बच्चे ही पहुंच पा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि 22 साल से गांव में प्राइमरी स्कूल चल रहा था। सरकार के द्वारा स्कूल भवन की मरम्मत पर ध्यान नहीं देने से भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। सरकार को चाहिए स्कूल की मरम्मत कराकर बच्चों को छोटी तीरथ में ही बच्चों की पढ़ाई कराई जाए, क्योंकि यहां से तीरथ स्कूल की दूरी 2 किलोमीटर है और बीच में रेलवे ट्रैक व नहर के ऊपर से गुजर कर बच्चों को स्कूल जाना पड़ेगा।

कई बार रुक जाती है ट्रेन
कई बार ट्रेन बीच में ही रुक जाती है। ग्रामीणों को भी ट्रेन के नीचे को निकालना पड़ता है। नहर के ऊपर बनी पुलिया के दोनों और सुरक्षा दीवार नहीं है। बच्चे कभी भी नहर में गिर सकते हैं और बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।

22 वर्षों से हमारे गांव में प्राइमरी स्कूल चल रहा था। जिसमें 68 बच्चे अध्ययन थे। 4 वर्ष से स्कूल भवन जर्जर अवस्था में था और स्कूल का प्लास्टर लगातार गिर रहा था।स्कूल की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होती है। लंबे समय से स्कूल की मरम्मत नहीं कराई गई और बच्चों को 2 किलोमीटर दूर तीरथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भेजने को बोल दिया है, जो की सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है छोटे बच्चों के साथी कभी भी बड़ा हादसा गठित हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विजय केवट, रघुवीर,हरि बल्लभ, बबलू, अभिभावक छोटी तीरथ

स्कूल भवन जर्जर हो जाने के कारण बार-बार छत का प्लास्टर गिर रहा था। कभी भी स्कूल में बड़ा हादसा गठित हो सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से वहां के सभी बच्चों को अग्रिम आदेश तक तीरथ स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है।
ममता बडोदिया, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, तीरथ

छोटी तीरथ गांव के नाम से प्राइमरी स्कूल हमारे रिकॉर्ड में नहीं है, क्योंकि 2014 में सभी प्राइमरी स्कूल माध्यमिक स्कूल में मर्ज हो चुके हैं। यह स्कूल 10 सालों से छोटी तीरथ में कैसे चल रहा था मामले की जानकारी की जाएगी। अगर ग्रामीणों को गांव में प्राइमरी स्कूल चलाना है तो स्कूल को डी मर्ज कराना होगा।ग्रामीणों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को सकुशल तीरथ स्कूल में छोड़ने जाए और लेने जाए। स्कूल भवन जर्जर हो गया तो वहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है सुरक्षा की दृष्टि से ही निर्णय लिया होगा फिर भी मामले की जानकारी करेंगे।
महावीर प्रसाद शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बूंदी।