
हाथी पर बैठ कर बाघिन की तलाश करते हुए।
बूंदी. मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लिए बाघिन को ट्रंकुलाइज नहीं किया जा सका। वन विभाग की टीम दिनभर बाघिन को सर्च करती रही, लेकिन बाघिन नजर नहीं आई। अधिकारियों के अनुसार बाघिन की तलाश पूरी होने पर ट्रंकुलाइज कर रामगढ़ के लिए लाया जाएगा।
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट ने बताया कि शुक्रवार को राजस्थान और मध्यप्रदेश की क्षेत्रीय टीमों ने संयुक्त रूप से पेंच बाघ अभयारण्य से रामगढ़ विषधारी बाघ अभयारण्य, बूंदी में एक बाघिन के अंतरराज्यीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की। इसके लिए सर्चिंग अभियान सुबह 6 बजे शुरू हुआ। निर्धारित क्षेत्र के सभी कैमरा ट्रैप स्टेशनों पर जांच की और बाघिन का मूवमेंट देखा। सभी कैमरा ट्रैप फोटो को स्कैन करने के बावजूद पहचानी गई। बाघिन की कोई गतिविधि व तस्वीर दर्ज नहीं की गई।
टीमों का गठन
मशक्कत के बाद भी बाघिन नजर नहीं आई तो खोज को तेज करने के लिए क्षेत्र को 10-12 टीमों में विभाजित किया गया। प्रत्येक टीम में 3-4 प्रशिक्षित वनकर्मी शामिल किए गए। इन टीमों ने बाघिन के पैरों के निशान, क्षेत्रीय संकेतों और संभावित आवाजाही के गलियारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यवस्थित खोज की। घने और दुर्गम इलाकों में तलाशी के लिए चार हाथी दस्तों को तैनात किया गया था, ताकि कोई भी क्षेत्र अछूता न रह जाए।
तलाश जारी है
दिनभर तलाश व प्रयासों के बावजूद चयनित बाघिन का पता नहीं लगाया जा सका। जैसे ही बाघिन की तलाश पूरी होगी, अवसर देखकर उसे ट्रंकुलाइज किया जाएगा। स्वीकृत प्रोटोकॉल के अनुसार रामगढ़ लाया जाएगा। जाट ने बताया कि बाघिन की तलाश सावधानी से, वैज्ञानिक योजना और अंतर-राज्यीय समन्वय से की जा रही है, ताकि बाघिन की सुरक्षा और संरक्षण उद्देश्य की सफलता सुनिश्चित की जा सके।
लक्ष्मीपुरा में बनाया जा सकता है हैलिपेड
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बाद मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में भी मध्यप्रदेश से बाघिन को लाया जाएगा। रामगढ़ के बाद दिसम्बर माह में मुकुन्दरा हिल्स में बाघिन की शिफ्टिंग हो सकती है, इसे देखते हुए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने हैलिपेड निर्माण को लेकर भी चर्चा की। नजदीकी क्षेत्र में हैलिपेड की आवश्यकता होने पर लक्ष्मीपुरा का सुझाव दिया। सभी बिंदुओं पर विचार विमर्श कर आवश्यकता होने पर हैलिपेड बनाया जाएगा।
Updated on:
29 Nov 2025 11:47 am
Published on:
29 Nov 2025 11:47 am
