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तीन गांवों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, पंचायत और नगरपालिका दोनों ही नहीं मान रही अपना

नगरपालिका क्षेत्र के राजस्व गांव जो वर्तमान में अमरत्या पंचायत बन गई है, वहां के लोगों की गत आठ माह से फुटबॉल की स्थिति बनी हुई है। यहां जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, खाद्य सुरक्षा सहित अन्य योजनाओं के लिए तरसना पड़ रहा है । यहां के लोगों का नाम पोर्टल पर नहीं है।

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तीन गांवों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, पंचायत और नगरपालिका दोनों ही नहीं मान रही अपना

अमरत्या गांव का नजारा

हिण्डोली. नगरपालिका क्षेत्र के राजस्व गांव जो वर्तमान में अमरत्या पंचायत बन गई है, वहां के लोगों की गत आठ माह से फुटबॉल की स्थिति बनी हुई है। यहां जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, खाद्य सुरक्षा सहित अन्य योजनाओं के लिए तरसना पड़ रहा है । यहां के लोगों का नाम पोर्टल पर नहीं है।

जानकारी अनुसार वर्षों से हिण्डोली ग्राम पंचायत में अमरत्या, बालोला व कांसकी आतरी गांव शामिल थे। ढाई वर्ष हिण्डोली नगरपालिका गठन के दौरान अमरत्या को हटाकर अलग गांव घोषित कर दिया था। बाद में इसे ग्राम पंचायत का दर्जा मिल गया है, लेकिन यहां के लोगों को आठ माह से इसकी कीमत चुकानी पड रही है। करीब 2 वर्ष से अमरत्या, बालोला व कांसकी आतरी गांव के लोगों को जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, लेकिन उनके प्रमाण पत्र नहीं बने रहे हैं।

यहां के लोग पंचायत समिति के विकास अधिकारी पास जाते हैं तो वे कहते हैं कि नगरपालिका बनाएगी, नगरपालिका में जाए तो पंचायत समिति बनाएगी। दोनों के बीच लोगों के काम अटका हुआ है। ऐसे में इस अवधि के अंदर होने वाले बच्चे व लोगों की मौत उनके जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। शादी के बाद विवाह प्रमाण पत्र नहीं बने हैं।

साथ में खाद्य सुरक्षा पोर्टल पर भी लोगों के नाम नहीं चढ़ पा रहे हैं । उनके नाम आखिर वेरिफिकेशन कौन करे, यह समस्या आ रही है। यहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गांव के फूलचंद सैनी, मदन लाल सैनी, ईश्वर सैनी ने बताया कि यहां पर जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने, आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से लोगों के कई काम अटके हुए हैं।

प्रभारी सचिव ने दिए थे निर्देश
नगरपालिका क्षेत्र में चले प्रशासन गांवों के संग अभियान में निरीक्षण के दौरान जिला प्रभारी सचिव कुंजीलाल मीणा यहां पहुंचे थे। साथ में पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी भी थे, जिनके समक्ष यह समस्या रखी थी। जिस पर प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि ग्रामीणों के समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान करें, इन्हें परेशान नहीं किया जाए, लेकिन ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है।

योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना तक का आवेदन नहीं कर पाए गांव के लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भी यहां के लोगों का एक भी आवेदन नहीं हुआ। मूलभूत सुविधा से महरूम गांव के लोगों ने बताया कि यहां पर कोई मवेशी भी मर जाता है तो उसे कौन उठाएं। पंचायत समिति व नगरपालिका दोनोंहाथ खड़े कर देते हैं। वहीं बिजली की समस्या और साफ सफाई की समस्या हो कुछ भी नहीं दे पा रहे हैं।

करीब 8 माह से यहां पर जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, खाद्य सुरक्षा सहित सभी मामले अटके हुए हैं। लोग नगरपालिका में जाते हैं तो नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी कहते हैं कि अमरत्या का नाम नगरपालिका से हटा दिया गया है। यह काम पंचायत समिति का हैं। जब पंचायत समिति जाते हैं तो विकास अधिकारी कहता है कि हमारे पास ऐसा कोई आदेश नहीं है, नए चुनाव के बाद ही अमरत्या पंचायत अस्तित्व में आएगी तब काम होगा।
ईश्वर सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष, नगर पालिका हिण्डोली

हिण्डोली नगरपालिका का दर्जा मिला तब अमरत्या गांव हिण्डोली में था। बाद में अलग होने तक काम पंचायत समिति करवाती थी। यहां के लोगों के काम की नगरपालिका की जिम्मेदारी बनती है।
पीयुष जैन, विकास अधिकारी, पंचायत समिति हिण्डोली

अमरत्या नई ग्राम पंचायत बन गई है। किसी तकनीकी खामी के चलते कोई परेशानी आ रही होगी।
गजेन्द्र मीणा, कनिष्ठ अभियंता नगरपालिका हिण्डोली