
बूंदी. जैन पंचायत भवन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करते हुए।
बूंदी. जैन पंचायत भवन नागदी बाजार में चल रहे दसलक्षण पर्व धूमधाम से मनाया जा रहे हैं । इसी श्रृंखला में शांति धारा का सौभाग्य महावीर, शुभम, अभिनव हरसोरा को प्राप्त हुआ । पंडित वैभव कुमार शास्त्री के निर्देश में नित्य नियम पूजन एवं दस लक्षण महामंडल विधान पूजन संपन्न हुई। सायं काल बच्चों की पाठशाला भक्तामर पाठ एवं आरती प्रवचन प्रश्न मंच और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान पर उपाध्याय टीम रही और द्वितीय स्थान पर अरिहंत टीम रही।
देई. श्रीचन्द्रप्रभु जिनालय नसियां मंदिर देई में उतम आर्जव धर्म के उपलक्ष में भक्तिमय दसलक्षण महामण्डल विधान हुआ। मंदिर प्रवक्ता कमलेश कुमार ङ्क्षसहल ने बताया कि चन्द्रप्रभु बड़े बाबा महामस्तकाभिषेक व शांतिधारा हुई। संगीत के साथ भक्तिमय दक्षलक्षण महामण्डल विधान करवाया गया।रात्रि में शास्त्र सभा का आयोजन हुआ। उतम मार्दव धर्म के बारे में बताया गया कि सरलता ही उतम मार्दव धर्म है। स्थानीय विद्ववान प्रकाशचंद शास्त्री व जैन मंदिर अध्यक्ष पदम कुमार जैन का नसियां मंदिर समिति द्वारा दुपट्टा ओढाकर स्वागत किया।
नैनवां. दसलक्षण पर्व के तीसरे दिन मंगलवार को शांति वीर स्थल पर जैन मुनि श्रुतेशसागर ने धर्म सभा में उत्तम आर्जव धर्म के बारे में बताया। मुनि ने कहा कि संसार में मनुष्य छल कपट कर रहा है, व्यक्ति को विश्वास में लेकर उसे धोखा दे रहा है। यह धोखा ही बड़ा पाप है।
जजावर. दसलक्षण पर्व पर मंगलवार को जैन मंदिर में प्रात: भगवान के कलशाभिषेक एवं शांति धारा हुई।पुण्यार्जक परिवार दुर्गालाल विमलकुमार पोटल्या परिवार रहे। तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा अर्चना हुई।दसलक्षण पर्व में मंदिर में सुबह भक्ति भाव से पूजा अर्चना की जा रही है। वहीं शाम को प्रतियोगिताएं एवं भक्तामर पाठ आदि किए जा रहे है।
केशवरायपाटन . दसलक्षण पर्व पर मायजा में जैन समाज ने मंगलवार को आर्जव धर्म की पूजा की। कस्बे में स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर पर श्रीजी का अभिषेक किया कर शांति धारा की। इस अवसर पर मंडल विधान में आर्जवधर्म की पूजा, सोलह अघ्र्य चढ़ाए व तीर्थराज सम्मेद शिखरजी की पूजा कर 24 अघ्र्य चढ़ाए।राजकुमार जैन ने बताया कि भक्तामर पाठ के साथ 48 दीपों से आरती की है।
कापरेन. शहर के दिगम्बर जैन बड़ा मन्दिर, नसिया मन्दिर, चैत्यालय में सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शान्ति धारा अभिषेक किया गया। बाद में कलशाभिषेक किया गया और दोपहर को शांति धारा पाठ का आयोजन हुआ। शाम को महा आरती के बाद भक्तामर,णमोकार मंत्र का संगीतमय पाठ किया गया।
Updated on:
11 Sept 2024 12:27 pm
Published on:
11 Sept 2024 12:26 pm
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