बूंदी. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पहली बार एक नर बाघ को ट्रेंकुलाइज कर शॉफ्ट एन्क्लोजर में रिलीज किया गया। इससे पूर्व अब तक यहां नर बाघ खुद चलकर आते रहे है। इससे पहले यहां 2 मादा बाघिन छोड़ी गई थी। नए बाघ को आरवीटी 4 के रूप में पहचाना जाएगा और उम्मीद है कि इसे जल्दी ही खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। एक बाघिन दूसरे राज्य से लाने की भी वन विभाग तैयारी कर रहा है।
वहीं रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक संजीव शर्मा ने बताया कि बाघ को बजा लिया क्लोजर में छोड़ा गया है। यहां 14 से 21 तक रखा जाएगा। ताकि इसे रामगढ़ क्षेत्र के जंगल के अनुरूप ढाला जा सके। वहीं इस दौरान एक और बाघिन लाए जाने के प्रयास किए जा रहे है। वहीं अब बाघ आने से टाइगर रिजर्व में दो नर, एक मादा व दो मादा शावक हो गए है।
एक साल से भटक रहा था बाघ
सरिस्का टाइगर रिजर्व का बाघ टी 2303 एक साल से टेरिटरी की तलाश में भटक रहा था। यह बाघ दो बार सरिस्का से बाहर निकल चुका था और वन विभाग के लिए इसकी देखरेख चुनौती बनी हुई थी। कई बार इसे ट्रेंकुलाइज करने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे इसे ट्रेंकुलाइज किया गया है।