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कपड़े पर 12 फीसदी जीएसटी का निर्णय, बुरहानपुर कपड़े उद्योग पर आएग यह असर

- कच्चे माल की खरीदी पर कम करना था जीएसटी- कच्चे माल पर 12 और कपड़ा बनकर तैयार करने पर लगता था 12, दोनों का अंतर होगा समान

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12 percent GST decision on clothes, this effect will come on Burhanpur clothing industry

12 percent GST decision on clothes, this effect will come on Burhanpur clothing industry

बुरहानपुर. कपड़े और जूते खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अगले साल से ज्यादा मूल्य चुकाने पड़ सकते हैं। 15 सितंरबर को दिल्ली में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में 1 जनवरी 2022 से इनवर्टेडशुल्क ढांचे में बदलाव करने का निर्णय लिया। इससे फेब्रिक्स कपड़ा और फुटवेयर पर 5 से 12 रुपए तक वृद्धि होगी। इसका असर बुरहानपुर के कपड़ा उद्योग पर भी पड़ेगा। क्योंकि पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहे कपड़े के भाव में तेजी आईतो डिमांडमें और कमी आ जाएगी।
दरअसल बुरहानपुर में बनने वाले कपड़े के लिए जो कच्चा मटेरियल आता है, उस पर 12 फीसदी का जीएसटी देना होता है, लेकिन जब माल तैयार होकर बेचते हैं तो इस पर 5 प्रतिशत का टैक्स लगता है। यह अंतर होने से व्यापारियों का क्रेडिट सरकार के पास भारी मात्रा में जमा हो रहा है। हालांकि यह इनपुट क्रेडिट मिलता भी हैं, लेकिन इस अंतर को समाप्त करने के लिए सरकार इसमें बदलाव करने जा रही है। लेकिन व्यापारियों को यह रास नहीं आ रहा है।
व्यापारी बोले यह होगी समस्या
मप्र लघु उद्योग संघ के प्रदेश सचिव सैयद फरीद ने बताया कि सरकार का निर्णय व्यापारियों के हित में नहीं है। कपड़े पर पहले 5 प्रतिशत था, उसे 12 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कपड़े के भाव में वृद्धि होने से डिमांडनहीं रहेगी। पहले ही बुरहानपुर में निम्न स्तर का कपड़ा बनता है। यह सभी तरह के कपड़े पर असर आएगा। इससे बुरहानपुर का कपड़ा उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
अभी कच्चे माल पर अलग-अलग टैक्स
कॉटन- पर 5 फीसदी जीएसटी
पोलिस्टर पर 12 फीसदी जीएसटी
फेब्रिक्स पर 12 फीसदी जीएसटी
रोटो यार्न (अस्तर) पर 12 फीसदी जीएसटी

इनवर्टेड ड्यूट स्ट्रक्चर में बदलाव
सीएस एसके महेश्वरी ने कहा कि जीएसटी काउंसलिंग की बैठक में कपड़ा और फुटवेयर पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में बदलाव का निर्णय लिया है। 1 जनवरी 2022 से यह लागू होगा। हालांकि अभी इसका नोटिफिकेशन आना बाकी है। तभी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट होगी।