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दो साल बाद केले के भाव में उछाल, 1731 रुपए क्विंटल पहुंचे

- कोरोना काल के बाद यह पहली उछाल- डिमांड अनुसार केला न मिलने से भाव में तेजी- उत्तर भारत में पसंद किया जा रहा बुरहानपुरी केला

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Banana price rises after two years, reaches Rs 1731 a quintal

Banana price rises after two years, reaches Rs 1731 a quintal

बुरहानपुर. केला उत्पादक किसान और व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। जिले का केला व्यापार फिर पटरी पर दौड़ पड़ा है। रविवार को मंडी में केले के भाव प्रति क्विंटल 1700 तक पहुंच गए हैं। करीब 2 साल बाद यह तेजी देखने को मिली है। अन्य राज्यों से केले की आवक घटने से बुरहानपुर का केला अधिक दाम मिले हैं। बाजार में 15 से 25 रुपए दर्जन केला बिक रहा है।
कभी केला हब रहे बुरहानपुर में ही पिछले दो साल से केला उत्पादक किसानों ने खासी फजीहत झेली। पहली लहर में तो कुछ दिन केला सप्लाय ही बंद रह। फिर शुरू भी हुआ तो भाव बेहतर नहीं मिल रहे थे। किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही थी। रमजान माह से भाव में तेजी आई और अचानक 1700 पार केला बिक गया।
केले पर प्राकृतिक मार ज्यादा
प्रगतिशील किसान संगठन के संरक्षक शिवकुमार सिंह कुशवाह का कहना है कि दो साल से प्राकृतिक मार से किसान परेशान है। कभी हवा आंधी तो कभी तेज धूप से केला फसल झुलस रही है। किसानों को बेहतर केले के दाम मिलना चाहिए।
ऐसे बढ़े केले के भाव
करीब एक माह पहले केले के भाव 400 से 900 रुपए तक थे। चैत्र नवरात्रि से भाव ने तेजी पकड़ी और रमजान में भाव 1500 तक केला बिका। पिछले सप्ताह भाव 1500 के करीब रहे और रविवार को अचानक 501 से 1731 रुपए क्विंटल केला बिका।
182 ट्रकों में निर्यात हो रहा केला
बुरहानपुर से रोजाना करीब 2 हजार टन केला उत्तर भारत में जा रहा है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में निर्यात किया जा रहा है। 182 ट्रक केला अन्य प्रदेशों में भेजा जा रहा है। एक ट्रक में 15 टन माल आता है।

भाव बढऩे का कारण
केला व्यापारी रिंकु टांक बताते हैं कि आंध्रा और महाराष्ट्र में केले की आवक घटी है, इसलिए बुरहानपुर के केले की पूछपरख ज्यादा बढ़ गई है। इससे किसानों और व्यापारी दोनों के लिए अच्छी खबर है। आगे भी भाव और बढऩे की उम्मीद है।

इस पर निगरानी रखने की जरूरत
केले के भाव मंडी में बेहतर नीलाम तो हो गए, लेकिन अब मंडी अफसरों को यह भी ध्यान रखना होगा की जो भाव नीलाम हुए वही किसान को मिले। पहले कई बार शिकायत आ चुकी है कि केला काटने के बाद कम रुपए किसान के हाथ में पकड़ाते हैं।