जिला विधिक अधिकारी रॉबीन दयाल ने बताया कि बैंक के ऋण बकाया राशि और विद्युत बकाया के एक हजार से ज्यादा मामलों में लोक अदालत में समझौते कर राशि वसूली गई। प्री-इटिगेशन के 775 मामलों में समझौता कराकर 46 लाख 88 हजार 141 रुपए वसूल कर प्रकरणों का निराकरण हुआ। विद्युत कंपनी ने 16 बैंच लगाकर बकाया बीलों के ब्याज में 40 से 100 प्रतिशत तक की छूट देकर प्रकरणों का निराकरण किया। लोक अदालत में बैंक ऑफि इंडिया, स्टेट बैंक, नर्मदा-झाबुआ ग्रामीण विकास बैंक सहित अन्य बैंकों ने बैंच लगाकर मामलों में निराकरण किए। वहीं नगर निगम में भी लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें करीब 504 प्रकरणों का निराकरण कर 21.86 लाख रुपए वसूले है। निगमायुक्त सुरेश रेवाल ने बताया कि संपत्तिकर अधिभार, जल उपभोक्ता प्रभार, सरचार्ज के साथ छूट देकर प्रकरणों का निपटान किया गया। 16 8 8 प्रकरणो में 2 करोड़ 18 लाख 53 हजार 37 रुपए करदाताओं से राजस्व की वसूली की जाना प्रस्तावित थी।