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बुरहानपुर में संग्राहलय ने लिया आकार

- लंदन, भोपाल, नागपुर में है बुरहानपुर की वस्तुएं - अभी फंडके चक्कर में थमा हैकाम बुरहानपुर. शहर में जल्द बाहर से आने वाले पर्यटक यहां के इतिहास से भी रूबरू होंगे। बहादरपुर रोडपर तीन एकड़ में 15 करोड़ से अधिक की राशि का संग्रहालय बनकर तैयार हो रहा है। खंडा के आकार में यह रूप ले चुका है। 20 फीसदी काम इसका ओर बचा है। इसके बाद यहां विदेशों तक शोभा बढ़ा रही बुरहानपुर की प्राचीन वस्तुओं को लाने का भी प्रयास किया जाएगा। एतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों से देश और दुनिया के लोगों को परिचित कराने का बेहतर माध्यम संग्रहालय होते हैं। इनमें रखी जाने वाली प्राचीन वस्तुएं उस दौर की समृद्धता और संस्कृति से हमें परिचित कराती हैं। इसी उद्देश्य से जिले में बहादरपुर रोड पर गुरु गोविंद सिंह संग्रहालय बनाया जा रहा है। इसे खंडा का आकार दिया जा रहा है। फिलहाल अभी इसका काम रुका है। विदेशों में शोभा बढ़ा रही हमारी प्राचीन वस्तुएं पुरातत्वविद् होशंग हवलदार कहते हैं कि बुरहानपुर का इतिहास खासा प्राचीन रहा है। यहां बने कुंडी भंडारा के शीलालेख अब भी नागपुर के संग्रहालय में हैं। फोपनार में मिली प्रचीन मूर्तियां दिल्ली के संग्राहलय में है। लंदन के संग्रहालय में कई मुगलकालीन वस्तुएं है। यहां बाई साइब हवेली की पेंटिंग, बीबी की मस्जिद की पेंटिंग सहित कईवस्तुएं हैं। यहां संग्रहालय बनने के बाद खालसा पंथ से जुड़ी कईप्राचीन वस्तुएं इसमें रखी जाएगी। साथ में बुरहानपुर का इतिहास और अन्य शहरों में रखी प्राचीन वस्तुओं को भी लाने का प्रयास होगा। ऐसे तैयार हो रहा संग्रहालय कलेक्टर कार्यालय के पास बहादरपुर रोडपर यह संग्रहालय बनकर तैयार किया जा रहा है। तीन एकड़ भूमि पर यह संग्रहालय बनेगा। इसका भवन निर्माण 3 हजार स्क्वेयरफीटमें रहेगा। बाकी पार्किंग, सुविधाघर आदि मूलभूत सुविधाएं रहेगी।

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  • लंदन, भोपाल, नागपुर में है बुरहानपुर की वस्तुएं
  • अभी फंडके चक्कर में थमा हैकामपुरातत्वविद् होशंग हवलदार कहते हैं कि बुरहानपुर का इतिहास खासा प्राचीन रहा है। यहां बने कुंडी भंडारा के शीलालेख अब भी नागपुर के संग्रहालय में हैं। फोपनार में मिली प्रचीन मूर्तियां दिल्ली के संग्राहलय में है। लंदन के संग्रहालय में कई मुगलकालीन वस्तुएं है। यहां बाई साइब हवेली की पेंटिंग, बीबी की मस्जिद की पेंटिंग सहित कईवस्तुएं हैं। यहां संग्रहालय बनने के बाद खालसा पंथ से जुड़ी कईप्राचीन वस्तुएं इसमें रखी जाएगी। साथ में बुरहानपुर का इतिहास और अन्य शहरों में रखी प्राचीन वस्तुओं को भी लाने का प्रयास होगा।बुरहानपुर. शहर में जल्द बाहर से आने वाले पर्यटक यहां के इतिहास से भी रूबरू होंगे। बहादरपुर रोडपर तीन एकड़ में 15 करोड़ से अधिक की राशि का संग्रहालय बनकर तैयार हो रहा है। खंडा के आकार में यह रूप ले चुका है। 20 फीसदी काम इसका ओर बचा है। इसके बाद यहां विदेशों तक शोभा बढ़ा रही बुरहानपुर की प्राचीन वस्तुओं को लाने का भी प्रयास किया जाएगा।एतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों से देश और दुनिया के लोगों को परिचित कराने का बेहतर माध्यम संग्रहालय होते हैं। इनमें रखी जाने वाली प्राचीन वस्तुएं उस दौर की समृद्धता और संस्कृति से हमें परिचित कराती हैं। इसी उद्देश्य से जिले में बहादरपुर रोड पर गुरु गोविंद सिंह संग्रहालय बनाया जा रहा है। इसे खंडा का आकार दिया जा रहा है। फिलहाल अभी इसका काम रुका है।विदेशों में शोभा बढ़ा रही हमारी प्राचीन वस्तुएंपुरातत्वविद् होशंग हवलदार कहते हैं कि बुरहानपुर का इतिहास खासा प्राचीन रहा है। यहां बने कुंडी भंडारा के शीलालेख अब भी नागपुर के संग्रहालय में हैं। फोपनार में मिली प्रचीन मूर्तियां दिल्ली के संग्राहलय में है। लंदन के संग्रहालय में कई मुगलकालीन वस्तुएं है। यहां बाई साइब हवेली की पेंटिंग, बीबी की मस्जिद की पेंटिंग सहित कईवस्तुएं हैं। यहां संग्रहालय बनने के बाद खालसा पंथ से जुड़ी कईप्राचीन वस्तुएं इसमें रखी जाएगी। साथ में बुरहानपुर का इतिहास और अन्य शहरों में रखी प्राचीन वस्तुओं को भी लाने का प्रयास होगा।ऐसे तैयार हो रहा संग्रहालयकलेक्टर कार्यालय के पास बहादरपुर रोडपर यह संग्रहालय बनकर तैयार किया जा रहा है। तीन एकड़ भूमि पर यह संग्रहालय बनेगा। इसका भवन निर्माण 3 हजार स्क्वेयरफीटमें रहेगा। बाकी पार्किंग, सुविधाघर आदि मूलभूत सुविधाएं रहेगी।