
Burhanpur: The process of construction of National Highway 347C starte
बुरहानपुर. नेशनल हाइवे इंदौर इच्छापुर के अलावा एक और नेशनल हाइवे खलघाट, कसरावद, खरगोन, बिस्टान चिरिया से महाराष्ट्र बार्डर तक बन रहा है। राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 347-सी नाम दिया है। इस हाइवे से बुरहानपुर का भी जुड़ाव होगा। इसके निर्माण के लिए भू अर्जन की कार्यवाही शुरू होने वाली है। इसलिए प्रशासन ने इस रोड के निर्माण में जो गांव की जमीन आने वाली है, उसकी खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके लिए आदेश की एक कॉपी जिला पंजीयक विभाग को सौंप दी है।
राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 347-सी जो की बुरहानपुर जिले के लोनी बुरहानपुर बायपास रोड निर्माण होना है। इसमें 13 ग्रामों की जमीन भू अर्जन में आएगी। जिसमें लोनी, बिरोदा, बहादरपुर, पातोंडा, सुलतानपुर, चिंचाला, लालबागमाल, बोरगांवखुर्द, गारबर्डी, मगरूल, मचलपुरा, निंबोला झिरी तक की सडक़ शामिल है। यह सडक़ बुरहानपुर से महाराष्ट्र रावेर को जोड़ेगी और इसके पहले इंदौर से आने वाला नेशनल हाइवे भी झिरी तक आएगा। ऐसे पूरा रिंगरोड बुरहानपुर में बनेगा। एक सडक़ इंदौर इच्छापुर वाली झिरी से बायपास होकर शाहपुर की ओर निकलेग, दूसरी झिरी से महाराष्ट्र के दूसरे छोर रावेर को जोड़ेगी, यहां से अंकलेश्वर तक रोड निर्माण का प्लान है।
यह निकाले आदेश
एसडीएम दीपक चौहान ने जारी किए आदेश में रोड निर्माण में अधिग्रहित भूमियों के व्यपर्तन, बटांकन एवं क्रय विक्रय पर तत्काल प्रभाव पर रोक लगाई गई है। इसलिए सूची अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 2लेन विथ पेव्हड शोल्डर उन्नयन कार्य के लिए अधिग्रहित भूमियों के व्यपर्तन बटांकनन, बटवारे, नामांतरण आदि कार्यवाही नहीं की जाए।
इधर झिरी से बायपास होगा नेशनल हाइवे
इधर इंदौर.हैदराबाद एक्सप्रेस हाईवे से बुरहानपुर भी जुड़ेगा। यह हाईवे 15 हजार करोड़ का है, जिसमें 768 किमी की सडक़ मप्र से खंडवा, बुरहानपुर से होकर जलगांव से नांदेड़ होकर महाराष्ट्र तेलंगना तक जाएगी। यह सडक़ धनगांव, बोरगांव से झिरी तक आकर यहां से बायपास होकर शाहपुर की ओर जाएगी। यह सडक़ इंदौर तेजाजीनगर से शुरू होकर खरगोन, बलवाड़ा से धनगांव से बोरगांव से बुरहानपुर, इच्छापुर से जलगांव के मुक्ताईनगर से होते हुए आगे जाएगी। अभी बोरगांव से धनगांव का काम लगभग पूरा होने में है। इसके बाद बोरगांव से आगे बुरहानपुर तक मुक्ताईनगर तक का प्रोजेक्ट होगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी शुरू हो गया है। इसका काम नेशनल हाईवे आथॉरिटी ऑफ इंडिया काम करेगी।
वाहनों की न्यूनतम गति 50 किलोमीटर तक रहेगी
नेशनल हाईवे पर वाहनों की न्यूनतम गति 50 किमी रहेगी। किसी गांव के बीच से यह रोड नहीं गुजरेगा। सर्वे में इस बात का ध्यान रखें कि वाहन चालकों को परेशानी न हो और कम समय में वे ज्यादा दूरी तय कर सकें।
व्यापार.व्यवसाय ही नहीं किसानों को भी फायदा
दोनों हाइवे बनने के बाद व्यापार व्यवसाय को भी गति मिलेगी। इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, एदलाबाद और अकोला सहित हैदराबाद को जोडऩे से सिर्फ व्यापार.व्यवसाय ही नहीं किसानों को भी फायदा होगा। बुरहानपुर केला उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है। अन्य फसलों को महाराष्ट्र व अन्य क्षेत्रों में ले जाने में काफी आसानी होगी। अभी 15 टन केला भेजने पर 30 हजार रुपए भाड़ा लगता है। कॉरिडोर बनने के बाद एक फेरे में 5 हजार रुपए बचेंगे। बुरहानपुर से रोजाना 600 से 800 ट्रक, 100 बसें और 400 कार.जीप चलती हैं। इनमें करीब 10 हजार यात्री सफर करते हैं। रोड बनने से सफर में समय की बचत होगी। कपड़ेे का निर्यात भी बढ़ेगा। माल समय पर विभिन्न शहरों में पहुंच सकेगा।
- नेशन हाइवे का निर्माण होना है। इसमें आने वाली जमीन का अधिग्रहण होगा। इसलिए इन जमीनों की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी है।
- दीपक चौहन, एसडीएम बुरहानपुर
Published on:
14 Dec 2022 03:26 pm
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