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मदरसा बोर्ड अध्यक्ष के कॉलेज में फर्जी कोर्स का संचालन !

दो घंटे तक यहां दस्तावेज चेक करने के बाद अफसर शाम को निकल गए। पूरा मामला प्रतिबंधित कोर्सेज पर छात्रों की छात्रवृत्ति निकालने की शिकायत का था। यह कॉलेज मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर इमादउद्दीन का होने से दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना रहा।

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Editorial Khandwa

Dec 11, 2016

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बुरहानपुर. कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड अध्यक्ष प्रोफेसर इमादउद्दीन के मैप्स कॉलेज में शनिवार दोपहर आए चार सदस्यीय अफसरों की जांच से हड़कंप मच गया।
दो घंटे तक यहां दस्तावेज चेक करने के बाद अफसर शाम को निकल गए। पूरा मामला प्रतिबंधित कोर्सेज पर छात्रों की छात्रवृत्ति निकालने की शिकायत का था। यह कॉलेज मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर इमादउद्दीन का होने से दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
जांच दल दोपहर 12 बजे गणपति नाका स्थित मैप्स कॉलेज पहुंचा। अफसरों ने कहा कि जो कोर्स प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, उसी को कॉलेज की ओर से संचालित कर दिए।
यहां तक इस कोर्स को लेने वाले विद्यार्थियों को शासन की योजना में स्कॉलरशिप पोर्टल से सूची देकर छात्रवृत्ति तक निकाल दी गई। यह शिकायत डॉक्टर आनंद दीक्षित ने भोपाल की थी, जिस पर जांच दल पहुंचा।
ऐसा है पूरा मामला
डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली (यूजीसी) ने 27 जून 2013 में नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि जो प्राइवेट विश्वविद्यालय हैं वो अपने राज्य के सीमा के क्षेत्र में ही कोर्स संचालित करेंगे। लेकिन सिक्किम मनिपाल विश्वविद्यालय ने 2013-14 और 14-15 में राज्य के बाहर भी कोर्स संचालित कर दिए।
दीक्षित ने आरोप लगाया कि इसमें बुरहानपुर के मैप्स कॉलेज में विश्वविद्यालय के एमबीए, एमसीए, एमएचसी आईटी, एमएससी सीएस, कोर्स संचालित किए गए। यहां तक कि कॉलेज ने यह कोर्स कर रहे 150 बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए शासन की स्कॉलरशिप पोर्टल पर इनकी सूची देकर छात्रवृत्ति तक निकलवा दी।
इस पर आदिवासी और पिछड़ा वर्ग विभाग ने जांच तक करना उचित नहीं समझा। डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि दो साल तक चले कोर्स का परीक्षा सेंटर मिलेनियम कॉलेज में रखा गया था। डॉक्टर दीक्षित ने कहा कि मैप्स कॉलेज की ओर से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। जो विद्यार्थियों ने यह कोर्सकर परीक्षा दी उनकी तो डिग्रियां भी अमान्य हो गई। इस पर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने 19 मई 2016 को राज्यपाल, यूजीएस नई दिल्ली, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा भोपाल को शिकायत करने पर मंत्रालय से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉक्टर अजय प्रकाश खरे ने कलेक्टर दीपकसिंह को पत्र लिख जांच के लिए निर्देश दिए।
कलेक्टर के आदेश पर नेपानगर शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एसके ध्यानी, शासकीय महाविद्यालय धूलकोट प्राचार्य डॉक्टर एसपी सिंग, खकनार महाविद्यालय से प्रोफेसर वीएस देवड़ा, प्रदीप कुलकर्णी मुख्य लिपिक नेपानगर जांच के लिए पहुंचे।
अन्य राज्य की विश्वविद्यालय के कोर्स संचालित करने की शिकायत पर जांच की गई। इसकी रिपोर्ट बनाकर हम कलेक्टर को सौंपेंगे। - डॉक्टर एसके ध्यानी, जांच अधिकारी

कई शिकायतें होती रहती है। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। जो भी है वह सब सामने आ जाएगा।
प्रोफेसर इमादउद्दीन, संचालक और अध्यक्ष मप्र मदरसा बोर्ड


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