
Death on the death of patient, doctor Ramesh Kapadia
बुरहानपुर. निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो जाने पर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि अस्पताल में उपचार सही ढंग से नहीं किया गया, जिसके कारण मरीज की मौत हुई है। हंगामे के चलते अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस के आने के पहले ही परिजन वहां से चले गए।
कमल चौक स्थित डॉक्टर कापडिय़ा के अस्पताल में बुधवार रात विठ्ठल पिता सोनू निवासी खैराती बाजार को भर्ती किया था। उसे शौच नहीं हो रही थी। परिजनों ने बताया कि उसे भर्ती करने के लिए दो हजार रुपए नगद लिए थे। लेकिन डॉक्टर देखने तक नहीं आए। कर्मचारियों ने ही सलाइन व दवाई दी। सुबह मरीज की हालत खराब होने पर चिकित्सक ने सोनोग्राफी कराने को कहा। लेकिन इसके पहले ही मौत हो गई। डॉक्टर लापरवाही नहीं बरतते, तो मरीज की जान बच जाती।
मौत के बाद परिजनों ने खूब हंगामा किया और डॉक्टर की शिकायत करने की भी बात कही। बाद में परिजन शव को लेकर चले गए। परिजनों के जाने के बाद पुलिस यहां पहुंची। डॉ. रमेश कापडिय़ा ने पुलिस को बताया कि मरीज को पैंगर टाइटस नाम की बीमारी पहले से थी और वह शराब पीने का आदि था। अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हुई है।
लोगों की लग गई भीड़
अस्पताल में जब हंगामा चला तो यहां देखने वालों की बड़ी संख्या में भीड़ लग गई। बाजार क्षेत्र होने से यहां पर लोग देखने के लिए पहुंच गए। बाद में पुलिस के पहुंचने पर सभी को यहां से हटाया और चिकित्सक से पूरी जानकारी जुटाई गई। डॉक्टा कापडिय़ा ने साफ कहा कि हार्ट अटैक से मौत हुई है। इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं हुई है।
मरीज को पैंगर टाइटस नाम की बीमारी पहले से थी। उसे सोनोग्राफी के लिए भेजने को कहा था, लेकिन उसके पहले ही उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। उपचार करने में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
- डॉ. रमेश कापडिय़ा, अस्पताल संचालक
Published on:
16 Nov 2017 10:27 pm

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