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फुटपाथ पर कपड़े बेचने वाला बन गया इंटरनेशनल मोटिवेटर

मुंबई के डब्बेवालों पर रिसर्च करते करते डॉक्टर पवन अग्रवाल बन गए मोटिवेटरआज पांच हजार बच्चों को स्कूल खोलकर शिक्षा दे रहे हैं।

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Editorial Khandwa

Jul 10, 2017

Dr. Pawan Agrawal International Motivational Speak

Dr. Pawan Agrawal International Motivational Speaker who reserch on Mumbai dabbawala

बुरहानपुर
17 साल की उम्र में घर से निकलकर मुंबई पहुंच गया। मिशन था सीए बनने का। काका एमजी अग्रवाल के घर की छत तो मिल गई, लेकिन पढ़ाई पूरा करने के लिए बस जुट गए काम करने। उद्योगनगर में काम करने से लेकर फुटपाथ पर कपड़े बेचने का काम किया। 12 साल संघर्ष कर अध्यापक बने, 1999 में मुंबई में डिब्बेवालों पर 9 साल तक शोध करने के बाद मोटिवेटर बन गए। 55 साल की उम्र में अब तक 40 देशों में 8 अलग-अलग भाषा में लाखों लोगों को मोटिवेट कर चुके हैं। यह कहानी है इंटरनेशन मोटिवेटर मुंबई के डॉक्टर पवन अग्रवाल की। रविवार को रोटरी क्लब के कार्यक्रम में आए डॉक्टर अग्रवाल से पत्रिका ने विशेष बातचीत की। महाराष्ट्र के धुलिया जिले के डोंडाइचा गांव के रहने वाले डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि 10वीं कक्षा फेल होने के बाद उनकी पढऩे की कोई इच्छा नहीं थी।


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#Barwani #BealConjecture #SucessStory
http://www.patrika.com/news/khandwa/indian-man-solve-math-problem-beal-conjecture-after-37-year-1600998/
किसान पिता गिरधारीलाल उन्हें पढ़ाकर सीए बनाना चाहते थे। 12वीं जैसे.तैसे करने के बाद वे मुंबई चले गए। यहां अध्यापक बनकर सरकारी कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया और 1999 में मुंबई में दो लाख टिफिन घर और कार्यालयों में पहुंचाने वाले 5 हजार लोगों पर शोध करना शुरू कर दिया। 9 साल में इसे पूरा करने के बाद लोग उन्हें यह जानने के लिए बुलाने लगे कि डिब्बेवालों का मैनेजमेंट कैसे है। यह बात बताते-बताते वे खुद ही एक मोटिवेशनल गुरु बन गए। उन्होंने ए स्टडी एंड लॉजेस्टिक एंड सप्लाई मैनेजमेंट ऑफ डब्बावाला इन मुंबई पर रिसर्च की। अब वे मुंबई में न्यूज पेपर वितरकों पर शोध कर रहे हैं।

Dr. Pawan Agrawal International Motivational Speak

बच्चे भी कर रहे बच्चों की सेवा
डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि वे तो सीए नहीं बनेए लेकिन उनका बड़ा बेटा पीयूष सीए बनकर अपने दादा का सपना पूरा किया। छोटे बेटे आकाश ने अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद भी बड़ी नौकरी छोड़कर अपने पिता द्वारा गरीब बच्चों के लिए खोले गए स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। आज पांच हजार बच्चों को स्कूल खोलकर शिक्षा दे रहे हैं।



जीएसटी का सिस्टम हमें फॉलो करना होगा
देश में चल रहे जीएसटी पर डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि यह देश का एक सिस्टम है। हम सभी को इसका फॉलो करना होगा। नहीं तो सिस्टम बदलने की ताकत रखो। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि पैसे के लिए काम न करे काम के लिए काम करें तो पैसा अपने आप आएगा।

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