
head constable Maharashtra going to Warrant Tamlak heart attack
बुरहानपुर. वारंट करने महाराष्ट्र जा रहे प्रधान आरक्षक घर से निकलकर ऑटो से स्टेशन पहुंचे और यहीं पर उरकी तबीयत बिगडऩे लगी। आरक्षक ने फिर दूसरा ऑटो पकड़ा और घर जाने के लिए निकल गए। लेकिन रास्ते में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। घटना गुुरुवार सुबह ९ बजे की है। इस खबर से पुलिस महकमे में गम का माहौल हो गया।
खकनार थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक बसंत पाटिल (५२) गुरुवार सुबह करीब ९ बजे अपने निवास स्थान शिकारपुरा पुलिस लाइन से निकले। जलगांव महाराष्ट्र जाकर वारंट तामील करना था, इसलिए वे ऑटो में बैठकर स्टेशन पहुंचे। जहां उनकी तबीयत बिगडऩे लगी तो वापस दूसरा ऑटो कर घर के लिए निकल गए। लेकिन रास्ते में ही अचानक वे ऑटो में लेट गए। यह देख ऑटो चालक आश्चर्य में पड़ गया। उसने प्रधान आरक्षक को जगाया भी, लेकिन वे नहीं उठे। वहीं ऑटो खड़े कर चालक ने १०० डायल को इसकी खबर की और साथी पुलिस उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह सुन ऑटो वाला भी सन रह गया।
पुलिस अफसर पहुंचे अस्पताल
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को भी घटना की जानकारी दी। प्रधान आरक्षक वसंत पाटिल वर्ष २०१५ से खकनार थाने में पदस्थ थे। इसके पूर्व वह कोतवाली, शिकारपुरा थाने के साथ जिला न्यायालय में भी ड्यूटी दे चुके हैं। उनके पिता भी पुलिस में थे। पाटिल का व्यवहार काफी अच्छा था और वह कार्य के प्रति काफी गंभीर थे। इस लिए अधिकारी भी उन्हें पसंद करते थे। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव महाराष्ट्र के अमलनेर में होगा। पाटिल की दो लड़कियां व एक बेटा है। एक बेटी का विवाह करीब ६ माह पूर्व ही हुआ था। लड़का फिलहाल पढ़ाईकर रहा है।
Published on:
09 Nov 2017 09:48 pm
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