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1976 में जिस छात्र ने बुरहानपुर की सरकारी स्कूल में पढ़ाई की वह हाईटेक पुलिस कर रहे तैयार

पुलिस डीजी स्पेशल बोले क्राइम फ्री इंडिया इज डूएबल पर काम करेगा पूरा सिस्टम

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 In 1976, the student who studied at the Government School in Burhanpur, is preparing for hi-tech police

In 1976, the student who studied at the Government School in Burhanpur, is preparing for hi-tech police

बुरहानपुर. पूरे प्रदेश में क्राइम कंट्रोल करने के लिए और पुलिस के तनाव को कम करने के लिए सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। यह सिस्टम हाईटेक टेक्नालॉजी के साथ अन्य सभी सोर्सेस का उपयोग करेंगा, जिससे पुलिस का काम 90 प्रतिशत तक कम हो जाएगा और पुलिस तनाव मुक्त होकर काम कर सकेगी। यह बात सोमवार को डायरेक्टर जरनल ऑफ पुलिस मिथीलेशरण गुप्त ने कहीं। आपको बता दे डीजी स्पेशल बुरहानपुर की शासकीय सुभाष स्कूल में 1976 में अध्ययनरत रहे हैं। उन्होंने 11वीं की पढ़ाई इसी स्कूल से पूरी की। वे बुरहानपुर दौरे पर आकर अपने स्कूल के साथी उपेंद श्रॉफ, मंगलभाई श्रॉफ, संतोष श्रॉफ से भी मिले। साथ ही मंगल भाई श्रॉफ के यहां आयोजित विवाह समारोह में भी शामिल हुए।
डिजी स्टपेशल गुप्त सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर बैठक के लिए पहुंचे थे। जिले की स्थिति को लेकर उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की। मीडिया को उन्होंने बताया कि आज की पुलिस मानसिक तनाव में है। हमारे बहुत से साथी सुसाइड कर लेते है। ऐसे प्रकरण भी सामने आ रहे है, जिनमें उन पर भी हमले होने लगे हैं। पारिवारिक परेशानी भी होती है। इससे पुलिस कर्मी कई बीमारियों से ग्रसीत हो रहा है। इसी के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार कर रहे है। इससे पुलिस का ९० प्रतिशत काम कम होगा। पुलिस पर से यह वर्कलोड खत्म हो जाएगा और वर्क लोड इमेजनी सिस्टम ले लेगा। इस प्रोजेक्ट का नाम क्राइम फ्री इंडिया इज डूएबल दिया है।
थर्ड अंपायर की तरह डेवलप होगा यह सिस्टम
डीजी स्पेशन गुप्त ने कहा कि जिस तरह क्रिकेट में कोई परेशानी होने पर थर्ड अंपायर के पास निर्णय चला जाता है। उसकी तरह इस सिस्टम को डेवलप किया जाएगा। इसमें अपराध होने के बाद सिस्टम हर तरह के सोर्स से साक्ष एकत्र करेंगा। इसमें डिजीटल और नॉन डिजीटल सभी प्रकार के साक्ष शामिल है। जिसके बाद न्यायालय में मामला पहुंचने पर न्यायधीश को निर्णय देने में कोई परेशानी नहीं होगी। कोई अपराधी साक्ष के अभाव में नहीं छूट सकेगा। सिस्टम में सबसे पहले एफआईआर दर्ज कराने पर काम होगा। आज अपराध पंजीयन करना भी अपने आप में चुनौती है। वर्तमान स्थिति ऐसी है कि प्रकरण दर्ज होने के बाद जब वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी भेजी जाती है, तो काफी बोझ के साथ रिपोर्ट दी जाती है। अपराध पुलिस नहीं करती। यदि अपराध हुआ है, तो उसे हम सुलझा लेंगे। अपराध को एक चुनौती मान कर काम करने की क्षमता जगाना होगी। अपराध हमें बोझ नहीं लगना चाहिए।
५० प्रतिशत मृत्यु दर कम करने का करेंगे प्रयास
डीजी स्पेशल गुप्त ने बताया कि जिले में रोड एक्सीडेंट मेनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जा रहा है। अगले एक माह में यह काम करना शुरू करेंगा। वर्तमान में सड़क हादसों में हो रही मौतों के आकड़े को एक वर्ष में ५० प्रतिशत कम करने का प्रयास हम करेंगे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव, एएसपी सुनील पाटीदार, एसडीओपी करणसिंह रावत आदि मौजूद थे। एसपी ऑफिसर में डीजी स्पेशल गुप्त को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उन्होंने शासकीय सुभाष उत्कृष्ट स्कूल सहित कई ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी किया।