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दूध के भाव का खेल: पशु पालक बोले हमारा नुकसान

- 37 रु लीटर पशु पालकों से दूध की खरीदी, डेयरी से उपभोक्ताओं को मिल रहा 48 रु भाव

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दूध के भाव का खेल: पशु पालक बोले हमारा नुकसान

दूध के भाव का खेल: पशु पालक बोले हमारा नुकसान

- मनमाना शुल्क वसूल रहे दूध डेयरी संचालक
- पशु पालकों ने की 9 रुपए फेट करने की मांग
बुरहानपुर. दूध के दाम बढ़ाकर जनता की जेब ढिली की जा रही है। पशु पालकों की आड़ लेकर भाव तो बढ़ा दिए, लेकिन पशु पालकों को इसका फायदा तक नहीं दिया। जब वह कलेक्टोरेट पहुंचे तो पूरा माजरा बताया।
सोमवार को झिरी, निंबोला, असीर सहित अन्य गांव के दूध उत्पादक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। पशु पाालक एवं दूध उत्पादक संघ की तरफ से कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया गया। दूध उत्पादक काला चारण, संजय सोनराज ने बताया कि लगभग 6 माह से डेयरी संचालक 7 रुपए 50 पैसे पुराना भाव ही प्रति फेट के हिसाब से दे रहे हैं। डेयरियों पर 48 से 54 रुपए तक दूध बेचा जा रहा है। गर्मी के समय चना मसूर का चारा 850 रुपए प्रति क्विंटल एवं खल्ली का रेट 40 रुपए तक पहुंच गया। जिससे पशु पालकों को नुकसान हो रहा है। इसलिए पशु पालकों को 9 रुपए प्रति फेट भाव मिलना चाहिए। 28 मार्च तक भाव बढ़कर नहीं मिलने पर दूध उत्पादक हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे।
डेयरी संचालक कर रहे मनमानी
शहर के डेयरी संचालक हर साल दूध के भाव में बढ़ोतरी कर रहे हैं। पशु पालकों के नाम पर फरवरी माह में ही 2 रुपए बढ़ाकर 46 से 48 रुपए प्रति लीटर दूध का भाव कर दिया गया। जबकि पशु पालकों को रेट बढ़ाकर नहीं दिए गए। पशु पालकों ने कहा कि 5 से 7 फेट का भाव लगभग 37 रुपए लीटर तक डेयरी वालों को मिल रहा है, लेकिन बाजार में 48 रुपए भाव ग्राहकों से वसूले जा रहे है। मनमाने रेट पर प्रशासन का ध्यान नही। इंदौर सहित महाराष्ट्र से भी दूध बुलाया जा रहा है, लेकिन शहर के पशु पालकों को भाव कम मिल रहे है।