बुरहानपुर. शहर में मोहर्रम पर्व का मेला दो दिनों तक चलता है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में एक दिन में ही ताजियों का मेला खत्म होता है। इकबाल चौक में बुधवार रात से ताजिएं, अखाड़े पहुंचने पर मेला शुरू हुआ जो गुरुवार को भी दिनभर चला। रातभर युवाओं ने अखाड़ों में विभिन्न करतब दिखाएं तो दिनभर ताजियों की जियारत के लिए शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग मेले में पहुंचे। बच्चों के खिलौने की दुकानें लगी तो महिलाओं के घरेलू सामान के लिए मीना बाजार पहुंची। दोपहर बाद ताजियों का कारवां निकला तो ठंडे होने के लिए ताप्ती नदी के पीपल घाट पहुंचा।
जिलेभर से 20 अखाड़ें और 62 ताजिएं मंडी बाजार में पहुंचे थे। अखाड़ों में छोटे बच्चों से लेकर युवाओं ने भी उत्साह देखने को मिला। तलवारबाजी से लेकर ल_ घुमाकर हैरत अंगेज करतब दिखाए। शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग मेले में पहुंचे। रात 12 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों से ताजिएं, अखाडों का पहुंचना शुरू हो गया था। जयस्तंभ से लेकर मंडी बाजार रोड पर मीना बाजार सहित खिलौनें की दुकानें लगने से पैर रखने तक की जगह नहीं थी। मेले में करीब 300 से अधिक दुकानें लगी थी।
दोपहर 2 बजे से निकला ताजियां का कारवां
मोहर्रम के मेले को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। अफसर, कर्मचारियों की रात से ही ड्यूटी लगाई गई थी जो शाम तक जारी रही। पुलिस ने रूट के अनुसार ताजियों एवं अखाड़ों को बाजार में रवाना किया। बाजार में छोटे वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया। सीसीटीवी कैमरों से मेले की निगरानी रखी गई। दोपहर 2 बजे के बाद पुलिस ने ताजियों को ठंडे करने के लिए रवाना किया।शाम 4 बजे के बाद बड़े ताजिएं रवाना होने शुरू हो गए। एक साथ लाइन में लगाकर पीपल घाट पर ठंडे होने के लिए पहुंचे।