
MP News: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में इंदौर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें उन्होंने 50 हजार रुपे की रिश्वत लेते हुए प्रधान आरक्षक पवन शर्मा को रंगे हाथों पकड़ा है। रंगे हाथों दबोचे गए आरक्षक के दोस्त ने पीड़ित को चोरी के मामले में फंसाने और धमकी देकर रूपए ऐंठने का आरोप है।
शिकायतकर्ता दीपक पाटिल निवासी बुलढाना महाराष्ट्र की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है। इसमें चौंकाने वाली बात सामने आई है कि नेपानगर थाने के प्रधान आरक्षक दयाराम सिलवेकर ने की थी, लेकिन पीड़ित जब रिश्वत देने के लिए पहुंचा तो वहां पर दयाराम मौजूद नहीं था। दयाराम के कहने पर लालाबाग थाने का प्रधान आरक्षक पवन शर्मा रिश्वत के पैसे लेने के लिए पहुंचा था। तभी लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त की ओर से मुख्य आरोपी दयाराम और सह आरोपी पवन शर्मा बनाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि दीपक के दोस्त अभिजीत के पास ईट की भट्टी है। जहां वह भट्टी के लिए नेपानगर से ठेकेदार के जरिए मजदूरों को ले जाता है। अभिजीत के द्वारा एक साल पहले ठेकेदार इरफान के माध्यम से मजदूरों को 50 रुपए एडवांस में दिए गए थे। जहां रुपए लेने के बाद भी मजदूरों ने काम नहीं किया। इसके बाद अभिजीत के द्वारा 50 हजार रूपए दिए गए एडवांस मांगे गए तो मजदूरों के द्वारा पैसे वापस करने में आनाकानी की गई। इसके बाद ठेकेदार ने इरफान ने एक मजदूर की मोटरसाइकिल अपने पास रख ली थी।
मजदूर ने बाइक चोरी की शिकायत को नेपानगर थाने में दर्ज करा दी। जिसके बाद नेपानगर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक दयाराम ने ईट भट्टा मालिक अभिजीत को इस मामले में आरोपी बनाने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की मांग की थी। जिससे परेशान होकर अभिजीत ने अपने दोस्त दीपक के साथ जाक लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करा दी थी। लोकायुक्त ने मामले की जांच की, तो उसे सही पाया गया। जिसके बाद दयाराम की जगह पवन शर्मा रुपए लेने पहुंचा और लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
Updated on:
06 Dec 2024 02:07 pm
Published on:
06 Dec 2024 02:06 pm
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