7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

लंदन की लाइब्रेरी में शोभा बढ़ा रही बुरहानपुर के इतिहास की चित्रकारी

- बुरहानपुर के पुरातत्वविद् ने लंदन से बुलाई चित्रकारी आज प्रदर्शनी में रखेंगे

2 min read
Google source verification
Painting of History of Burhanpur, celebrating the London Library

Painting of History of Burhanpur, celebrating the London Library

बुरहानपुर. हमारे शहर की संस्कृति और इतिहास का बखान केवल देशभर में ही नहीं बल्कि विदेशों तक है। लंदन के एक चर्च में जहां असीरगढ़ शिवालय के घंटा होने की बात अब तक सामने आती रही, वहीं अब लंदन की लाइब्रेरी में बुरहानपुर के धरोहरों की चित्रकारी भी प्रदर्शित होने की पुष्टी हुई है।यहां की चित्रकारी की कॉपी पुरातत्वविद् ने अपने मित्र से बुरहानपुर में बुलाईहै, जो रविवार को आयोजित कार्यक्रम में रखी जाएगी।
सूफी संतों से लेकर अंग्रेजों के शासन काल तक का गवाह बने बुरहानपुर का गौरवशाली इतिहास लंदन की लाइब्रेरी में भी झलक रहा है। यहां पर शाही किला, असीरगढ़ किला, बीबी की मस्जिद, बाईसाहब की हवेली की चित्रकारी यहां प्रदर्शित है। पुरातत्वविद के मुताबिक असीरगढ़ किले की चित्रकारी १८५६ में वेरन एंडमिशर द्वारा बनाईगई।शाही किले का १८५७ की चित्रकारी बनाईगई। पहले यह चित्रकारी टेलीग्राफी, वाटर कलर, स्केच आदि तरह से बनाईजाती थी।
ऐसे लाए इतिहास के चित्र
पुरातत्वविद् होशंग हवलदार ने बताया कि उनके मित्र विनायक साकल्ले जो की इंदौर निवासी है, वे भी इतिहास को जानने और समझने का शौक रखते हैं। उनके द्वारा लंदन में यह चित्रकारी देखने के बाद उनकी फोटो के माध्यम से यह चित्रकारी बुरहानपुर में मंगवाईगईहै। हवलदार ने बताया कि बुरहानपुर के इतिहास के बारे में नागपुर यूजियम, भोपाल, ग्वालियर और हैदराबाद के यूजियम में भी बताया गया है।
मिश्र की राजधानी काहिरा में बुरहानपुर का कपड़ा
हवलदार ने बताया कि मिश्र देश की राजधानी में काहिरा के यूजियम में बुरहानपुर का कपड़ा रखा हुआ है। इस पर लिखा हुआ भी बुरहानपुर में बुना हुआ कपड़ा। असीरगढ़ किले पर बना प्राचीन शिव मंदिर का घंटा भी लंदन के चर्चमें लगा हुआ है। जिसे अंग्रेज अपने साथ ले गए थे।
आज होंगे आयोजन
27 जून को विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में एक जुलाईको दोपहर २ से रात 8 बजे तक हकीमीया स्कूल में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इसमें चित्रकला प्रदर्शनी, निबंध, परिचर्चाएं होगी। जहां सभी इंटेक सदस्य मौजूद रहेंगे।

- हमारे बुरहानपुर का गौरवशाली इतिहास की जानकारी लंदन की लाइब्रेरी में भी दर्शायी गईहै।यहां प्रदर्शित चित्रकारी की कॉपी को बुरहानपुर में मंगवाया गया है, जिसे कार्यक्रम में प्रदर्शित करेंगे।- होशंग हवलदार, पुरातत्वविद्