
Sant Pradmvati, who announced the election to contest the Assembly, got down
पद्मावती के प्रदर्शन को रोकने के लिए सीएम को लिखेंगे पत्र
- संत व हिंदू महासभा ने जताया विरोध
बुरहानपुर. फिल्म पद्मावती को लेकर राजपूत समाज द्वारा किए जा रहे विरोध के बीच संत-हिंदू महासभा भी मैदान में आ गई है। शनिवार को उदासीन आश्रम के हुई पत्रकारवार्ता में महंत स्वामी पुष्करानंद महाराज ने प्रदेश में फिल्म प्रदर्शन रोकने के लिए सीएम को पत्र लिखने के साथ आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
महंत ने कहा कि समाज में महिला का आदर होना चाहिए। फिर वह किसी भी धर्म या जाति की है। लेकिन निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावती में ऐतिहासिक घटनाओं से छेड़छाड कर फिल्म में आपत्तिजनक दर्शयों का फिल्मांकन किया है। इससे महिलाओं का अपमान हुआ। इसको लेकर मुयमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश में प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने की मांग की है। यदि फिर भी फिल्म प्रदर्शित होती है, तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिल्म को पहले संतों को दिखाया जाना चाहिए, इसमें से आपत्तिजनक सभी सीन हटाए जाना चाहिए।
भाजपा से टिकट मिला तो ठिक, नहीं तो निर्दलिय लडूगा चुनाव
पत्रकारवार्ता में महंत से उनकी राजनैतिक सक्रियता पर प्रश्न पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारी करेंगे। भाजपा से विधायक के लिए टिकट की मांग करेंगे। अगर नहीं मिलती है, तो निर्दलिय चुनाव मैदान में उतरने की भी पूरी तैयारी है। उदासीन आश्रम से ही महंत स्वामी उमेश मुनि पहले विधायक रह चुके हैं। स्वामी पुष्करानंद ने कहा कि उनके कई कार्य अधूरे रह गए हैं, उन्हें पूर्ण करने के लिए वह चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ग्वालियर में हिंदू महासभा द्वारा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोड़से का मंदिर बनाने पर प्रश्न पूछने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मंदिर निर्माण गलत है।
चर्चा करते हुए स्वामी पुष्करानंद महाराज।
Published on:
18 Nov 2017 06:55 pm
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