बुरहानपुर. आंधी से फिर केला फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई एकड़ में केला फसल धराशायी हो गई। इससे किसान आर्थिक संकट में आ गए। हर साल मई में आंधी से फसल को नुकसान पहुंच रहा है। प्राकृतिक आपदा के बाद दूसरे दिन बुधवार को विधायक अर्चना चिटनीस, भाजपा नेता गजेंद्र पाटिल सहित प्रशासनिक अफसरों ने निरीक्षण किया। ग्राम रायगांव, नीमगांव, फोपनार, बख्खारी, खामनी एवं शाहपुर सहित अन्य ग्रामों में पहुंचकर किसानों से चर्चा की।
ऐसे मिलेगा मुआवजा
विधायक चिटनीस ने कहा कि केला फसल इतनी संवेदनशील है कि एक बार पेड़ हिल जाए तो भी ग्रोट रूक जाती है और वह क्षतिग्रस्त हो जाता है। जो पेड़ जमीन पर सो गए है वे भी मृत है और जो पेड़ खड़े तो दिख रहे है लेकिन वे भी मृतप्राय हैं, जो दो.चार दिवस में समाप्त हो जाएगा। सर्वे दल क्षतिग्रस्त केले के पौधा की गणना न करते हुए अनिवार्य रूप से प्रतिशत में क्षतिपूर्ति का आंकलन करें। 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर 2 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजे का प्रावधान किया गया है।