नागर ने बताया कि प्राचीन मंदिर होने से यहां बड़ी संख्या में भक्तों का तांता लगता है। सावन सोमवार को शिवजी का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जो देखते ही बनता है। श्रृंगार सामग्री भी प्राचीन समय से चली आ रही है। इसी मंदिर में राम भगवान का मंदिर भी है, जहां रामनवमी पर विविध आयोजन किए जाते हैं।