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द ग्रेट महादजी शिंदे ने 250 साल पहले स्थापित किया था शिवलिंग

 1760 से बना है राज राजेश्वर मंदिरशहर में ऐसे 11 मंदिर बनाए गए हैं

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Editorial Khandwa

Jul 23, 2017

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The great Mahadji Shinde had founded 250 years ago, Shivling

बुरहानपुर.
राजघाट रोड पर बना प्राचीन मंदिर। इसका इतिहास 250 साल पुराना है। जब बुरहानपुर में मराठा शासक की ओर से देश की खुशहाली के लिए 11 शिवलिंग स्थापित किए थे। इसमें से एक मंदिर है राज राजेश्वर मंदिर। जहां आज भी मंदिर निर्माण की कलाकृति से प्राचीन मंदिर होने का प्रमाण मिलता है।

मंदिर के व्यवस्थापक श्याम नागरकर ने बताया कि 1760 में द ग्रेट मराठा सरकार महादजी शिंदे ने इसका निर्माण कराया था। शहर में ऐसे 11 मंदिर बनाए गए हैं, इसमें राज राजेश्वर मंदिर के आसपास ही 4 मंदिर बने हैं। राज राजेश्वर मंदिर का नाम भी इसलिए पड़ा क्योंकि यह राजा ने मंदिर बनाया था। मंदिर का निर्माण करने के बाद महादजी ने इसकी व्यवस्था के लिए बुरहानपुर में सबसे बड़े जमीनदार रहे नाना साहब को जिम्मेदारी सौंपी। उनकी मृत्यु के बाद भीकन भट्ट अग्निहोत्री को कार्यभार दिया। इसके बाद उनके पुत्र रामचंद्र अग्निहोत्री फिर मुझे इसकी व्यवस्था सौंपी गई।

ऐसा है महादजी का इतिहास

महादजी 1730 से 1794 तक मराठा साम्राज्य के शासक थे। जिन्होंने ग्वालियर पर शासन किया। वे सरदार रानोजी राव शिंदे के पांचवें पुत्र थे। शिंदे अथवा सिंधिया वंश के संस्थापक रानोजी शिंदे के पुत्रों में केवल महादजी पानीपत के तृतीय युद्ध से जीवित बच सके थे।

यहां लगता है भक्तों का तांता

नागर ने बताया कि प्राचीन मंदिर होने से यहां बड़ी संख्या में भक्तों का तांता लगता है। सावन सोमवार को शिवजी का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जो देखते ही बनता है। श्रृंगार सामग्री भी प्राचीन समय से चली आ रही है। इसी मंदिर में राम भगवान का मंदिर भी है, जहां रामनवमी पर विविध आयोजन किए जाते हैं।