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ये हैं गांव का कन्हैया, खुद की बनाई बांसुरी से छेड़ता है सुरों के तराने

सोशल मीडिया पर हो रहा चर्चित धून सुनते ही लग जाता है लोगों का जमावड़ा

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Editorial Khandwa

Jul 07, 2017

These are Kanhaiya of the village, teasing by the

These are Kanhaiya of the village, teasing by the flute created by the self.

किशोर चौहान,डोइफोडिया.
प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती है। प्रतिभावान अपने हुनर को तराशने के लिए कोई ना कोई रास्ता ढूंढ ही लेता है। क्षेत्र के छोटे से ग्राम लोखंडिया में एक ऐसा ही गुधड़ी का लाल है, जिसकी बासुरी की धून का दीवाना पूरा गांव है। इसे गांव के युवा कान्हा के नाम से पुकारते है।

कान्हा के नाम से पहचाने जाने वाले अनिल पवार को बांसुरी बजाने का शौक बचपन से ही लगा है। उसकी धून सुन कर हर कोईमंत्रमुग्ध हो जाता है। 23 साल का अनिल बमुश्किल 8 वीं कक्षा पढ़ पाया है लेकिन उसे बांसुरी की सभी रचनाएं आती है। अनिल घर में सबसे छोटा होकर खेतों में मजदूरी करता है। जब भी पारिवारिक जि?मेदारियों से समय मिलता है, वह बांसुरी की धून छेड़ देता है।


मंदिर से होती हैदिन की शुरुआत
सुबह अनिल सबसे पहले श्री मोती माता मंदिर जाकर माता के दर्शन कर 2 घंटे तक भगवान की धुन बजाता है। इतना ही नहीं वह अपने गांव के युवाओं और दोस्तों को बांसुरी बजाना सिखाता भी है और बांसुरी भी वह अपने हाथों की बनी हुई देता है। उसकों हमेशा 10-20 युवाओं की टोली घेरे रहती है। बांसुरी के अलावा वह हार्मौनियम भी बजाने और गाने का हुनर भी जानता है।
सोशल मीडिया पर है चर्चित
अनिल के युवा दोस्तों की टोली आए दिन उसके बांसुरी बजाते वीडियो बनाकर फेसबुक, हाईक और व्हाट्सअप पर अपलोड करते रहती है और इन वीडियो को खूब लाईक-कमेंट्स भी मिलते है। अनिल के शार्गिद खुमेश राठौड़ ने बताया कि हम हर 5-6 दिनों में अनिल का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते है। अनिल के फेंस क्लब में गांव के युवराज राठौड़, योगेश राठौड़, गोपाल राठौड़, निलेश राठौड़, संजय चौहान, राहुल राठौड़ सहित दर्जनों युवा शामिल है।

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