21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वाह 300 रुपए में भारतीय डाक टिकट पर खुद का छपवा सकते हैं फोटो

डाक घर की माय स्टॉम्प योजना

2 min read
Google source verification
My stamp scheme

My stamp scheme

बुरहानपुर. जब भी हमारे दिमाग में डाक टिकट का नाम आता है, तो इसका सीधा सा मतलब यही है कि इस डाक टिकट के जरिए पत्र भेजे जाएंगे। उस डाक टिकट पर जब हम फोटो देखते हैं तो फिर सोचते हैं कि जिन लोगों की फोटो डाक टिकट पर लगी है वो कितने महान होंगे। उन्होंने जरूर कुछ बेहतर काम किया होगा। उनके नाम से कोई विश्व रिकॉर्ड होगा। या फिर जरूर उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज होगा, लेकिन अब आप भी अपनी फोटो टिकट पर लगवा सकते हैं। वो भी बड़ी आसानी से। इसके लिए आपको कोई बड़ी मेहनत नहीं करनी है, केवल पोस्ट ऑफिस में जाकर शुल्क जमा करने पर 20 मिनट में आपके फोटो वाले डाक टिकट आपके हाथ में आ जाएंगे।

डाक टिकट पर अपनी फोटो लगवाने के लिए बस आपको डाक विभाग की माय स्टॉम्प योजना का लाभ उठाना है और झट से आपकी फोटो डाक टिकट में आ जाएगी। फिर आप उस फोटो लगे डाक टिकट को देश के किसी भी कोने में भेज सकते हैं। यह डाक टिकट उसी तरह मान्य होगा जैसे आम डाक टिकट मान्य होते हैं।

300 का आएगा खर्च
योजना में केवल 300 रुपए खर्च करना पड़ेगा। फीस जमा करके 12 डाक टिकट जारी करा सकते हैं। डाक टिकट में फोटो छपवाने के लिए आपको अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में संपर्क करना होगा। बस ध्यान इस बात का रखना है कि जिसके नाम से डाक टिकट में आप फोटो जारी करा रहे हैं, उसको जीवित होना जरूरी है।

यह दस्तावेज जरूरी
पोस्ट ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार यदि किसी को भी अपना फोटो डाक टिकट पर चस्पा करवाना है तो उसे पोस्ट ऑफिस में जाना होगा। साथ में आधार और एक फोटो अनिवार्य होगा। एक शीट पर 12 स्टॉम्प होंगे, जिसका 300 रुपए शुल्क होगा। 20 मिनट में यह स्टॉम्प मिल जाएंगे। खुद के फोटो के अलावा कलाकृति, ऐतिहासिक शहर व इमारत, दर्शनीय स्थलों, वन्य जीव, पशु पक्षी आदि के चित्र के साथ भी छपवाया जा सकता है। बुधवार को डाक विभाग के कर्मचारियों द्वारा तहसील रोड पर बैनर पोस्टर से प्रचार-प्रसार किया गया।

300 रुपए शुल्क देकर कोई भी व्यक्ति अपना फोटो स्टॉम्प पर छपवा सकता है। केवल 20 मिनट की यह प्रक्रिया होगी। साथ में आधार कार्ड व फोटो लाना जरूरी होगा।
- अनुराग धेंगुला, पोस्ट मास्टर