
Aadhaar enrolment
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार पंजीयन के लिए जो पंजीयन केन्द्र लोगों से रुपए ले रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि आधार पर पंजीयन और कार्ड जारी करना नि:शुल्क है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति से कोई शुल्क या धनराशि नहीं ली जाती है। इसके बावजूद यदि कोई आधार पंजीयन केंद्र इसके लिए पैसे वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभी 135 रजिस्ट्रार और 612 पंजीयक एजेंसियां आधार पंजीयन में लगी हुई हैं। देश में 47,192 आधार पंजीयन केन्द्र हैं जहां यह काम हो रहा है। इनमें से 28,332 स्थायी केन्द्र हैं। प्रतिदिन सात से आठ लाख आवेदन मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद सरकार के डिजिटल लेनदेन एवं आधार आधारित भुगतान तंत्र बनाने की घोषणा के बाद से आधार बनाने वालों की संख्या में बढऱेतरी हुई है। इसके मद्देनजर कुछ केन्द्रों पर आधार पंजीयन के लिए रुपए लिए जाने की खबरें आ रही है।
111 करोड़ आधार नंबर जारी
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि 125 करोड़ से अधिक की आबादी वाले इस देश में 111 करोड़ लोगों के पास अपनी डिजिटल पहचान हो गई है। कुछ महीने पहले 100 करोड़ से अधिक आधार नंबर जारी करने का रिकॉर्ड बना था, लेकिन 26 जनवरी को यूआईडीएआई ने इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़कर नया कीर्तिमान कायम किया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अभी देश के 91.7 प्रतिशत लोगों के पास आधार नंबर है जबकि 99 प्रतिशत से अधिक व्यस्कों के पास आधार है। देश के 22 राज्य और संघ शासित प्रदेशों में 90 फीसदी से अधिक लोगों के पास आधार है।
उन्होंने बताया कि 31 मई 2014 तक कुल 63.22 करोड़ आधार नंबर जारी किए गए थे और उस समय प्रतिदिन तीन से चार लाख लोग इसके लिए आदेवन कर रहे थे। अक्टूबर 2016 तक यह संख्या पाँच से छह लाख दैनिक थी, लेकिन नोटबंदी के बाद इसमें तेजी आई है और अभी सात से आठ लाख आवेदन रोजाना प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म बताते हुये कहा कि लोगों की निजता और गोपनीयता सर्वोपरि है और इससे कभी समझौता नहीं किया जायेगा। आधार कानून, 2016 में इसके लिए कड़े प्रावधान किये गये हैं।
Published on:
27 Jan 2017 05:49 pm
बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
